झारखंड में आतंक बन चुके अमन साहू का आखिर अंत हो गया है। पुलिस ने पलामू में हुए एक एनकाउंटर में मंगलवार को उसे मार गिराया है।
विधिक आवाज समाचार |नई दिल्ली:
रिपोर्ट राजेश कुमार यादव| 12 मार्च 2025
अमन साहू कितना बड़ा गैंगस्टर था इसका अंदाजा आप इस बात से लगा सकते हैं कि उसे झारखंड का लॉरेंस बिश्नोई भी कहा जाने लगा था। जिस तरह जेल में बंद में रहकर लॉरेंस बिश्नोई दिल्ली से मुंबई तक वसूली, लूट और हत्या को अंजाम देता है, उसी तरह अमन साहू भी छत्तीसगढ़ की जेल से पूरा नेटवर्क चला रहा था। दुबले-पतले शरीर और मासूम से चेहरे वाले अमन साहू पर 150 से अधिक मुकदमे दर्ज थे। वह लॉरेंस बिश्नोई से भी हाथ मिला चुका था।
कभी हार्डकोर नक्सली रहा अमन साहू पिछले कई सालों से आपराधिक गैंग चला रहा था। वह वसूली से लेकर हत्या और लूट का बड़ा नेटवर्क चला रहा था जिसमें सैकड़ों शूटर्स और गुर्गे शामिल हैं। झारखंड से छत्तीसगढ़ तक अमन साहू मुख्यतौर पर कोयला कारोबारियों को निशाना बनाता था। वह कोयला कारोबार से जुड़े लोगों से वसूली करता था और इनकार किए जाने पर हत्या कर देता था। हाल ही में उसने एक कोयला ट्रांसपोर्टर पर फायरिंग कराई थी।
