पुलिस की नाक के नीचे अपराधियों के हौसले बुलंद – महिला से की मारपीट, जान से मारने की धमकी


इंदौर – शहर में अपराधियों के हौसले इतने बुलंद हो चुके हैं कि वे पुलिस की नाक के नीचे खुलेआम वारदातों को अंजाम दे रहे हैं। 21 मार्च 2025 की रात करीब 10 बजे, इंदौर के खटीक मोहल्ले में एक महिला पर गाली-गलौज, मारपीट और हत्या की धमकी देने का मामला सामने आया है।

विधिक आवाज़ रिपोर्ट | इंदौर 
सह संपादक विश्वामित्र अग्निहोत्री ✍️✍️✍️

गणेश सिलावट और उसके साथियों ने महिला पर किया जानलेवा हमला

पीड़िता के अनुसार, गणेश सिलावट नामक युवक अचानक वहां आया और अश्लील गालियां देते हुए भद्दी भाषा में अपशब्द कहने लगा। जब महिला ने विरोध किया तो आरोपी ने हाथ पकड़कर खींचा, जमीन पर पटका और बेरहमी से पीटना शुरू कर दिया।

महिला की बहन को भी बनाया निशाना

जब पीड़िता की बहन जया उसे बचाने आई, तो गणेश की पत्नी रिंकी ने उसे धक्का देकर दूर कर दिया और मारपीट में शामिल हो गई। गणेश के भाई पूनम ने तो हद ही कर दी, वह हॉकी और पत्थर लेकर आया और महिला पर पत्थर फेंककर हमला कर दिया। इस हमले में महिला के दोनों हाथों, कमर और पैर में गंभीर चोटें आईं, जिससे खून बहने लगा।

पुलिस कार्रवाई पर सवाल – अपराधियों के हौसले क्यों हैं बुलंद?

हमले के बाद महिला जब रिपोर्ट दर्ज कराने थाने पहुंची, तो पुलिस ने पहले उसका मेडिकल परीक्षण कराया और फिर रिपोर्ट दर्ज की। सवाल यह उठता है कि पहले से दर्ज रिपोर्ट के बावजूद आरोपी खुलेआम घूम रहे थे और उन्होंने दोबारा हमला कर दिया। आखिर पुलिस की निष्क्रियता का फायदा उठाकर अपराधी इतनी हिम्मत कैसे जुटा रहे हैं?

आरोपी खुलेआम दे रहे धमकी – "इस बार बच गई, अगली बार जान से मार दूंगा!"

गणेश सिलावट ने जाते-जाते पीड़िता को धमकी दी कि "इस बार तो बच गई, लेकिन अगर दोबारा देखा तो जान से खत्म कर दूंगा।" यह बयान साबित करता है कि अपराधियों को पुलिस का कोई डर नहीं है और वे खुलेआम हिंसा कर रहे हैं।


क्या पुलिस अपराधियों पर कसेगी शिकंजा?

अब देखने वाली बात यह होगी कि पुलिस इन आरोपियों पर कब तक और कैसी कार्रवाई करती है। क्या यह मामला सिर्फ एफआईआर तक सीमित रहेगा या अपराधियों पर सख्त कानूनी शिकंजा कसा जाएगा? स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो ऐसे अपराधी बेखौफ होकर और वारदातों को अंजाम देंगे।

क्या हो सकती हैं कानूनी धाराएं?

इस घटना में आरोपियों पर IPC की निम्नलिखित धाराएं लग सकती हैं –

धारा 323 – मारपीट कर चोट पहुंचाने के लिए

धारा 324 – घातक हथियार से हमला करने के लिए

धारा 354 – महिला के सम्मान को ठेस पहुंचाने के लिए

धारा 506 – जान से मारने की धमकी देने के लिए

धारा 34 – सामूहिक अपराध के लिए

न्याय की आस – क्या मिलेगी पीड़िता को सुरक्षा?

अब पीड़िता को न्याय और सुरक्षा की दरकार है। सवाल यही उठता है कि क्या पुलिस केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित रहेगी या अपराधियों को सलाखों के पीछे भेजकर महिला को न्याय दिलाएगी?

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