कोलकाता। पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक ऐतिहासिक परिवर्तन की घोषणा करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कोलकाता के न्यू टाउन स्थित विश्व बांग्ला कन्वेंशन सेंटर से राज्य के अगले मुख्यमंत्री के नाम पर मुहर लगा दी है। भाजपा की इस प्रचंड जीत के बाद आयोजित भव्य कार्यक्रम में अमित शाह ने राज्य की जनता का धन्यवाद किया और नवनिर्वाचित प्रतिनिधियों को जनता के विश्वास पर खरा उतरने की नसीहत दी।
सुवेंदु अधिकारी की 'भवानीपुर विजय' की गूँज
अमित शाह ने अपने संबोधन में सुवेंदु अधिकारी की जीत को बंगाल के राजनीतिक इतिहास का सबसे बड़ा मोड़ बताया। उन्होंने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए कहा:
- "नंदीग्राम में तो ममता जी ने हार का बहाना बनाया था, लेकिन इस बार सुवेंदु ने उन्हें उनके अपने घर भवानीपुर में जाकर मात दी है।"
- शाह ने भाजपा के सफर को याद करते हुए कहा कि 2014 में एक सीट से शुरू होकर आज 207 सीटों तक पहुँचना 321 कार्यकर्ताओं के बलिदान का परिणाम है।
वंचितों और संघर्ष की जीत का सम्मान
गृह मंत्री ने उन चेहरों को विशेष बधाई दी जो इस चुनाव में परिवर्तन के प्रतीक बनकर उभरे हैं:
- आरजी कर पीड़िता की मां (पानीहाटी): उनकी जीत को न्याय की जीत बताया।
- रेखा पात्रा (संदेशखाली): शोषण के खिलाफ संघर्ष की जीत करार दिया।
- कलिता माझी (आउशग्राम): एक घरेलू सहायिका के विधायक बनने को लोकतंत्र की असली खूबसूरती बताया।
भविष्य का संकल्प: 'घुसपैठ मुक्त बंगाल'
अमित शाह ने चुनाव आयोग की सराहना करते हुए कहा कि 93 प्रतिशत मतदान और बिना किसी हिंसा के चुनाव संपन्न होना लोकतंत्र की विजय है। उन्होंने स्पष्ट किया कि नई सरकार का मुख्य लक्ष्य बंगाल को घुसपैठ मुक्त बनाना और सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद करना होगा।
विपक्ष पर तंज और सांस्कृतिक गौरव
कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए शाह ने कहा कि हार के डर से चुनावी प्रक्रिया को बदनाम करने के बजाय उन्हें आत्मचिंतन करना चाहिए। उन्होंने वंदे मातरम् के रचयिता बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय के परिवार की सदस्य की जीत को गौरवपूर्ण बताया और संकल्प लिया कि बंगाल को फिर से देश का सांस्कृतिक और आर्थिक सिरमौर बनाया जाएगा।
