भारत की प्रगति का 'स्वर्णिम काल': 25 करोड़ लोग गरीबी रेखा से बाहर, 12 वर्षों की उपलब्धियों पर बोले केंद्रीय राज्यमंत्री श्री रामदास आठवले


इंदौर। केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्यमंत्री श्री रामदास आठवले ने मंगलवार को इंदौर में केंद्र सरकार की पिछले 12 वर्षों की उपलब्धियों का विस्तृत लेखा-जोखा प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत भ्रष्टाचार और गरीबी मुक्त होने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है, जो वर्ष 2047 तक 'विकसित भारत' के संकल्प को साकार करने का मार्ग प्रशस्त कर रहा है।

बीते 12 वर्षों की प्रमुख उपलब्धियां
श्री आठवले ने विभिन्न क्षेत्रों में भारत की ऐतिहासिक प्रगति को रेखांकित किया:
  • गरीबी उन्मूलन: पिछले 12 वर्षों में 25 करोड़ लोगों का गरीबी रेखा से बाहर आना एक बड़ी उपलब्धि है।
  • आर्थिक सशक्तिकरण: प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 4 करोड़ लोगों को पक्के मकान और मुद्रा लोन के माध्यम से 57 करोड़ स्वरोजगार के अवसर प्रदान कर आर्थिक क्रांति लाई गई है।
  • स्वास्थ्य एवं सामाजिक सुरक्षा: 'आयुष्मान भारत' योजना से 60 करोड़ लोग लाभान्वित हुए हैं। वहीं, 12 करोड़ शौचालयों का निर्माण नारी सम्मान का प्रतीक बना है।
  • नारी सशक्तिकरण: 'लखपति दीदी' योजना के तहत 3 करोड़ महिलाओं का सशक्तिकरण हुआ है और सुकन्या समृद्धि योजना के माध्यम से 4.5 करोड़ बेटियों का भविष्य सुरक्षित किया गया है।
  • डिजिटल क्रांति: यूपीआई ट्रांजेक्शन में 12 हजार गुना वृद्धि हुई है और डिजिटल लेन-देन 314 लाख करोड़ के स्तर को पार कर गया है।
बुनियादी ढांचा और जनकल्याण
केंद्र सरकार की अन्य महत्वपूर्ण योजनाओं का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया:
  • खाद्य एवं जल सुरक्षा: 'प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना' से 81 करोड़ लोगों को नि:शुल्क अनाज और 'जल जीवन मिशन' के तहत 16 करोड़ लोगों तक नल से जल पहुँचाया जा रहा है।
  • उज्ज्वला योजना: 11 करोड़ परिवारों को एलपीजी कनेक्शन देकर धुएं से मुक्ति दिलाई गई है।
  • रक्षा एवं निर्यात: देश ने 97 लाख करोड़ का रिकॉर्ड निर्यात किया है और 38,400 करोड़ के रक्षा उपकरणों का निर्यात कर वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बनाई है।
लोकतंत्र और मतदान पर विशेष टिप्पणी
श्री आठवले ने कहा कि देश में लोकतंत्र के प्रति आम नागरिक का विश्वास अत्यधिक बढ़ा है, जो मतदान के बढ़ते प्रतिशत में दिखाई देता है। उन्होंने सुझाव दिया कि देश में 'मतदान अनिवार्य' किया जाना चाहिए।
इंदौर और महू से जुड़ाव

अपने इंदौर दौरे को भावनात्मक बताते हुए राज्यमंत्री ने कहा कि संविधान निर्माता बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की जन्मस्थली 'महू' उनके लिए एक तीर्थ के समान है, जहाँ वे नियमित रूप से दर्शन के लिए आते हैं। उन्होंने आगामी जनगणना के संबंध में भी संकेत दिए कि इससे समाज की सभी जातियों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
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