देवास। सुशासन (Good Governance) को प्राथमिकता देते हुए कलेक्टर श्री ऋतुराज सिंह ने सीएम हेल्पलाइन पर दर्ज शिकायतों के निराकरण में बरती जा रही लापरवाही के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। समीक्षा बैठक के दौरान काम में ढिलाई बरतने पर जिला आपूर्ति अधिकारी (DSO) श्री दिनेश अहिरवार को निलंबन संबंधी कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए हैं।
500 से अधिक शिकायतें लंबित, कलेक्टर की नाराजगी
खाद्य विभाग की समीक्षा के दौरान यह पाया गया कि विभाग स्तर पर सीएम हेल्पलाइन के प्रकरणों के निराकरण के लिए बार-बार निर्देश देने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। वर्तमान में खाद्य विभाग की 500 से अधिक शिकायतें पोर्टल पर लंबित हैं। इस स्थिति को अत्यंत गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर श्री सिंह ने डीएसओ को आगामी 3 दिनों के भीतर सभी लंबित शिकायतों का विश्लेषण कर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
बैठक की मुख्य बातें और निर्देश:
- संतुष्टिपूर्ण निराकरण: कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि केवल निराकरण दर्ज करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि समस्या का धरातल पर संतुष्टिपूर्ण समाधान होना चाहिए।
- अतिक्रमण पर प्रहार: नगर परिषदों में लंबित अतिक्रमण की शिकायतों को प्राथमिकता के साथ हटाकर निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
- अनुशासन का पाठ: बैठक में अनुपस्थित रहने और वीसी (VC) से न जुड़ने वाले नगर परिषद के सीएमओ (CMO) के प्रति कलेक्टर ने नाराजगी जताई और इसे घोर लापरवाही करार दिया।
50 दिन से पुरानी शिकायतें: कलेक्टर ने चेतावनी दी कि 50 दिनों से अधिक समय से लंबित शिकायतें स्वीकार्य नहीं हैं। नामांतरण और अन्य राजस्व संबंधी प्रकरणों को भी त्वरित गति से निपटाने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रशासन का कड़ा संदेश
कलेक्टर श्री सिंह ने सभी जिला अधिकारियों को चेताया है कि जनहित के कार्यों में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने निर्देश दिया कि यदि कोई शिकायत तकनीकी या नीतिगत कारणों से लंबित है, तो उसका समाधान वरिष्ठ मुख्यालय स्तर पर समन्वय करके किया जाए।
प्रशासन की इस कार्रवाई से प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है और यह स्पष्ट संदेश गया है कि सीएम हेल्पलाइन के प्रति लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के विरुद्ध अब सीधे अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
