नीमच। देशभर में कोचिंग सेंटरों और बहुमंजिला इमारतों में हाल ही में हुई आगजनी की घटनाओं के बाद जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। कलेक्टर श्री हिमांशु चंद्रा के मार्गदर्शन में बुधवार, 24 जून को प्रशासन की एक संयुक्त टीम ने शहर के प्रमुख व्यावसायिक परिसरों—जारोली टावर और पटेल प्लाजा—का औचक निरीक्षण किया।
खामियां मिलने पर दिए सुधार के निर्देश
निरीक्षण के दौरान प्रशासनिक दल ने सुरक्षा मानकों की गहन जांच की और भवन संचालकों को कड़े दिशा-निर्देश दिए:
- जारोली टावर:
- बेसमेंट में व्यवस्थित पार्किंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
- कोचिंग सेंटरों में अनिवार्य रूप से अग्निशमन यंत्र (Fire Extinguishers) लगाने को कहा गया।
- सुरक्षा के मद्देनजर प्रवेश और निकासी (Entry & Exit) के अलग-अलग द्वार बनाने के निर्देश दिए गए।
- पटेल प्लाजा:
- यहाँ संचालित नए 'गेम जोन' में आग से निपटने के पर्याप्त उपकरण (अग्निशमन यंत्र) स्थापित करने को कहा गया।
- यहाँ भी सुरक्षा के दृष्टिकोण से प्रवेश और निकास के लिए अलग-अलग मार्ग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
प्रशासनिक टीम की मुस्तैदी
इस निरीक्षण अभियान में एसडीएम श्री पराग जैन, यातायात थाना प्रभारी श्री सोनू बडगूजर, मुख्य नगरपालिका अधिकारी (CMO) श्रीमती दुर्गा बामनिया और तहसीलदार श्री संजय मालवीय सहित नगर पालिका का अमला मौजूद रहा।
नगर पालिका अधिकारी श्रीमती बामनिया ने स्पष्ट किया कि सभी व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को फायर सेफ्टी मानकों का सख्ती से पालन करना होगा। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि जनसुरक्षा से जुड़ी इन आवश्यकताओं की अनदेखी करने वाले संस्थानों के खिलाफ आगे सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
यह औचक निरीक्षण शहर में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और किसी भी प्रकार की संभावित दुर्घटना को रोकने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
