इंदौर। जिले में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) में गड़बड़ी करने वाले संचालकों के खिलाफ जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। ग्राम बिसनावदा स्थित शासकीय उचित मूल्य दुकान में गंभीर अनियमितताएं पाए जाने पर कलेक्टर श्री शिवम वर्मा के निर्देशानुसार प्रशासन ने दुकान को अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया है।
जांच में सामने आई बड़ी अनियमितताएं
खाद्य आपूर्ति विभाग की क्षेत्रीय कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी श्रीमती सुचिता दुबे द्वारा की गई जांच में 'सतीमाता स्वयं सहायता समूह' द्वारा संचालित दुकान (कोड क्रमांक 805013) पर कई गंभीर खामियां पाई गईं:
- स्टॉक में विसंगति: भौतिक सत्यापन के दौरान 1.21 क्विंटल गेहूं कम पाया गया, जबकि नमक की मात्रा 36 किलो अधिक मिली।
- नियमों की अनदेखी: दुकान पर स्टॉक रजिस्टर और भाव सूची का बोर्ड अद्यतन (Update) नहीं था, साथ ही राशन वितरण संबंधी फ्लेक्स-बैनर भी गायब थे।
- उपभोक्ताओं का शोषण: जांच में यह शिकायत सही पाई गई कि दुकान समय पर नहीं खोली जा रही थी, हितग्राहियों को पावती पर्ची नहीं दी जा रही थी और दुकान संचालकों द्वारा चायपत्ती जैसी अन्य सामग्री लेने के लिए उपभोक्ताओं पर दबाव बनाया जा रहा था।
- अभद्र व्यवहार: आमजन से अभद्र व्यवहार की शिकायतें भी जांच में पुष्ट हुई हैं।
उपभोक्ताओं को अब यहाँ मिलेगा राशन
उपभोक्ताओं की परेशानी को देखते हुए अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) राऊ ने 23 जून 2026 को दुकान का निलंबन आदेश जारी कर दिया है। अब बिसनावदा के राशन कार्ड धारकों को आगामी आदेश तक समीपस्थ ग्राम पंचायत रिजलाय स्थित 'बीजासन आजीविका स्वयं सहायता समूह' (कोड क्रमांक 805023) की दुकान से राशन प्राप्त होगा।
प्रशासन की चेतावनी
कलेक्टर श्री शिवम वर्मा ने स्पष्ट किया है कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने निर्देश दिए हैं कि दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई जारी रखी जाए ताकि गरीबों को मिलने वाले राशन में किसी भी स्तर पर हेराफेरी न हो सके।
