देवास। जिले के सरकारी विद्यालयों में अब विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित (STEM) की शिक्षा को नई ऊंचाइयां मिलने जा रही हैं। शुक्रवार को नूतन हायर सेकेंडरी स्कूल में कलेक्टर श्री ऋतुराज सिंह की उपस्थिति में ‘डिजिटल शाला कार्यक्रम’ का भव्य शुभारंभ किया गया। एसबीआई फाउंडेशन और मुस्कान ड्रीम्स के संयुक्त तत्वावधान में शुरू हुई यह पहल छात्रों को भविष्य के लिए जरूरी तकनीकी कौशल से लैस करेगी।
डिजिटल शिक्षा का नया अध्याय
इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य सरकारी स्कूलों में तकनीक-आधारित शिक्षण को बढ़ावा देना है ताकि बच्चे गणित और विज्ञान जैसे विषयों को रटने के बजाय बेहतर तरीके से समझ सकें। उद्घाटन समारोह में एसबीआई फाउंडेशन के प्रबंध निदेशक श्री स्वप्न धर, मुख्य प्रबंधक श्री परवीन कुमार, सुश्री इप्शिता दत्ता और जिला परियोजना समन्वयक श्री अजय मिश्रा सहित कई गणमान्य नागरिक मौजूद थे।
कलेक्टर ने शिक्षकों को दिए सफलता के मंत्र
कार्यक्रम के दौरान कलेक्टर श्री ऋतुराज सिंह ने शिक्षा में नवाचार की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा:
- तार्किक सोच का विकास: डिजिटल शिक्षा और STEM का मेल बच्चों में रचनात्मकता और समस्या-समाधान की क्षमता विकसित करता है।
- शिक्षकों की भूमिका: कलेक्टर ने शिक्षकों से आग्रह किया कि वे इस 'फाउंडेशन लर्निंग' कार्यक्रम को पूरी सूक्ष्मता से समझें। उन्होंने कहा कि शिक्षकों की गुणवत्ता में सुधार ही बच्चों की नींव को मजबूत बनाने का एकमात्र रास्ता है।
डिजिटल केंद्र और नवाचार
कलेक्टर ने विद्यालय में बने नए 'डिजिटल शिक्षण केंद्र' का फीता काटकर उद्घाटन किया। इस दौरान विद्यार्थियों द्वारा बनाए गए विज्ञान और गणित के वर्किंग मॉडल्स ने सभी का ध्यान आकर्षित किया। ये मॉडल बच्चों की गहरी समझ और जिज्ञासा का प्रमाण दे रहे थे।
'डिजिटल शाला ऐप' का हुआ प्रदर्शन
कार्यक्रम में एक विशेष 'डिजिटल शाला ऐप' का भी अनावरण किया गया। यह ऐप शिक्षकों के लिए एक डिजिटल सहायक के रूप में कार्य करेगा, जिससे विज्ञान और गणित के जटिल विषयों को सरल, प्रभावी और रोचक तरीके से कक्षा में पढ़ाना आसान हो जाएगा।
भविष्य के लिए एक मजबूत साझेदारी
मुस्कान ड्रीम्स के डायरेक्टर श्री मनोज पचौरी ने इस प्रोजेक्ट में एसबीआई फाउंडेशन के सहयोग को मील का पत्थर बताया। उन्होंने कहा कि यह साझेदारी जिले के सरकारी स्कूलों में भविष्य के कुशल नागरिक तैयार करने में एक स्थायी और सकारात्मक बदलाव लाएगी।
इस पहल से देवास जिले के सरकारी स्कूलों में शिक्षा का स्तर न केवल आधुनिक होगा, बल्कि छात्रों के लिए ज्ञान का नया द्वार भी खुलेगा।
