भोपाल। प्रदेश में आगामी दिनों में होने वाले धार्मिक आयोजनों और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के प्रस्तावित मध्य प्रदेश दौरे को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद कर दी गई है। राज्य की कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करने के उद्देश्य से पुलिस महानिदेशक (DGP) कैलाश मकवाणा ने समस्त IG और SP के साथ एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की।
सुरक्षा के कड़े निर्देश
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित इस बैठक में DGP ने स्पष्ट किया कि मोहर्रम, ताजिया जुलूसों और अन्य धार्मिक आयोजनों के दौरान किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने संवेदनशील इलाकों और जुलूस मार्गों पर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं।
सोशल मीडिया और अफवाहों पर सख्ती
डीजीपी ने स्पष्ट रूप से कहा कि डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर पैनी नजर रखी जाए। यदि सोशल मीडिया के माध्यम से कोई व्यक्ति भ्रामक जानकारी फैलाता है या सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने वाली आपत्तिजनक सामग्री साझा करता है, तो उसके विरुद्ध तत्काल कानूनी कार्रवाई की जाए। उन्होंने खुफिया तंत्र को पूरी तरह सक्रिय रहने के लिए कहा है ताकि किसी भी चुनौती का पहले ही समाधान किया जा सके।
वीवीआईपी सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता
बैठक का एक बड़ा हिस्सा राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के प्रस्तावित दौरे की तैयारियों पर केंद्रित रहा। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि:
- वीवीआईपी प्रोटोकॉल और रूट सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
- एंटी-सबोटेज (एंटी-सैक) चेकिंग और भीड़ प्रबंधन के लिए विशेष टीम तैनात रहे।
- यातायात प्रबंधन और समन्वित सुरक्षा व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।
संसाधनों का होगा प्रभावी उपयोग
पुलिस बल को दंगा नियंत्रण के आवश्यक उपकरणों, संचार साधनों और सीसीटीवी निगरानी प्रणाली को पूरी तरह अपडेट और सक्रिय रखने के लिए निर्देशित किया गया है। डीजीपी ने पुलिस अधिकारियों को संभावित चुनौतियों का समय रहते आकलन कर उन्हें विफल करने की रणनीति अपनाने को कहा है।
इस उच्च-स्तरीय बैठक में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (इंटेलिजेंस) ए. साईं मनोहर, उप पुलिस महानिरीक्षक तरुण नायक सहित प्रदेश के अन्य शीर्ष पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे। प्रशासन ने आम जनता से भी अपील की है कि वे शांति और सौहार्द बनाए रखने में पुलिस का सहयोग करें।
