राजगढ़ में हाई-वोल्टेज ड्रामा: जेठ-देवर पर दुष्कर्म और पुलिस पर अनदेखी का आरोप लगा पानी की टंकी पर चढ़ी महिला, पति समेत तीनों पर FIR


राजगढ़: मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले में कलेक्ट्रेट के पास स्थित नगर पालिका की पानी की टंकी पर मंगलवार दोपहर एक महिला के चढ़ जाने से हड़कंप मच गया। तीखी धूप और भारी हंगामे के बीच महिला ने अपने पति, जेठ और देवर पर मारपीट व गंभीर प्रताड़ना के आरोप लगाए। महिला का आरोप था कि स्थानीय कोतवाली पुलिस उसकी शिकायत पर कोई ध्यान नहीं दे रही थी, जिससे तंग आकर उसे आत्मघाती कदम उठाने पर मजबूर होना पड़ा।

पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने कड़ी मशक्कत और समझाइश के बाद महिला को सुरक्षित नीचे उतारा, जिसके बाद देर रात आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू की गई।

न्याय न मिलने पर उठाया खौफनाक कदम
महिला का आरोप है कि उसका पति, जेठ और देवर लंबे समय से उसे शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहे हैं। उसने जेठ और देवर पर दुष्कर्म (बलात्कार) करने और पति पर इस घिनौने कृत्य में आरोपियों का साथ देने का संगीन आरोप लगाया है। महिला के मुताबिक, वह कई बार न्याय की गुहार लेकर कोतवाली थाने गई थी, लेकिन वहां उसकी सुनवाई नहीं हुई।

कार्रवाई की जिद पर अड़ी रही महिला: टंकी पर चढ़ी महिला आरोपियों को तुरंत मौके पर बुलाने और उन पर ऑन-स्पॉट कार्रवाई की मांग कर रही थी। काफी देर तक चले घटनाक्रम के बाद जब वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने मामले की निष्पक्ष जांच और त्वरित कार्रवाई का लिखित भरोसा दिया, तब जाकर वह नीचे उतरने को तैयार हुई। इसके बाद उसे पुलिस अधीक्षक (SP) कार्यालय ले जाया गया।

सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल: ताला बंद होने के बाद भी कैसे चढ़ी महिला?
इस पूरे घटनाक्रम ने नगर पालिका की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है। दरअसल, किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए पानी की टंकी के मुख्य गेट पर हमेशा ताला बंद रहता है। इसके बावजूद महिला ऊपर तक कैसे पहुंच गई, यह जांच का विषय है। प्रत्यक्षदर्शियों का अनुमान है कि गेट के ऊपर बने संकरे रास्ते से महिला ने ऊपर चढ़ने का रास्ता बनाया। हैरानी की बात यह भी रही कि हंगामे के दौरान काफी देर तक नगर पालिका कर्मी ताले की चाबी तक उपलब्ध नहीं करा सके।

गांव में आगजनी का भी लगा आरोप
इस हंगामे के बीच रोजड़ खुर्द गांव के कई ग्रामीण भी मौके पर एकत्र हो गए। ग्रामीणों ने महिला के पति पर एक और गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उसने खेतों में रखी कृषि सामग्री में आग लगा दी थी। इस आगजनी के कारण करीब 11 बीघा का चारा, 10 ट्रैक्टर सूखा चारा और अन्य कीमती कृषि उपकरण जलकर खाक हो गए। ग्रामीणों ने इस मामले में भी कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की मांग की है।

पुलिस का आधिकारिक पक्ष: "पति भी बनेगा सह-आरोपी"
इस पूरे मामले पर कोतवाली थाना प्रभारी (TI) मंजू मखेनिया ने बताया:

"पीड़िता के आरोपों के आधार पर उसके जेठ और देवर के खिलाफ दुष्कर्म का मामला दर्ज किया जा रहा है। साथ ही, इस अपराध में आरोपियों का साथ देने के कारण महिला के पति को भी सह-आरोपी बनाया गया है। महिला ने यह भी खुलासा किया है कि करीब एक साल पहले उसके पति ने दबाव बनाकर गांव के ही एक अन्य युवक पर झूठा केस दर्ज कराया था। पुलिस अब इन सभी कड़ियों को जोड़कर मामले की अत्यंत गहराई और गंभीरता से जांच कर रही है।"
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