भोपाल। मध्यप्रदेश में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने की दिशा में सरकार ने जन-भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल की है। राज्य सरकार ने एक विशेष पोर्टल लॉन्च किया है, जिसके माध्यम से प्रदेश के सभी नागरिक, सामाजिक संगठन, शिक्षाविद और शासकीय अधिकारी-कर्मचारी इस विषय पर अपने बहुमूल्य सुझाव और विचार साझा कर सकते हैं।
सुझाव देने की प्रक्रिया अत्यंत सरल
नागरिकों से व्यापक राय लेने के लिए सरकार ने सुझाव दर्ज करने की प्रक्रिया को बेहद सरल बनाया है। इस प्रक्रिया में भाग लेने के लिए:
- पोर्टल का उपयोग: नागरिक सीधे वेबसाइट
- https://ucc.mp.gov.in/home पर जाकर सुझाव दे सकते हैं।
- QR कोड: अपने मोबाइल से QR कोड स्कैन करके भी सीधे पोर्टल तक पहुँचा जा सकता है।
- फॉर्म का विवरण: पोर्टल पर दिए गए फॉर्म में आपको अपना नाम, लिंग, धर्म, संभाग, जिला, पता और मोबाइल नंबर दर्ज करना होगा।
- सुझावात्मक प्रश्न: फॉर्म में कुल 12 प्रश्न दिए गए हैं, जिनका उत्तर 'हाँ' या 'ना' में देना है।
- सत्यापन: मोबाइल ओटीपी (OTP) के माध्यम से सत्यापन होते ही आपका सुझाव सफलतापूर्वक जमा हो जाएगा।
सरकार की अपील
मध्यप्रदेश शासन ने प्रदेश के प्रबुद्ध नागरिकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, अधिवक्ताओं और विभिन्न वर्गों के प्रतिनिधियों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में इस जन परामर्श प्रक्रिया में शामिल हों। सरकार का उद्देश्य है कि प्राप्त सुझावों और जनभावनाओं के अनुरूप एक प्रभावी एवं समावेशी नीति का निर्माण किया जा सके।
महत्वपूर्ण जानकारी:
- अंतिम तिथि: सुझाव दर्ज कराने की अंतिम तिथि 22 जून 2026 है।
- पात्रता: राज्य के हर नागरिक के साथ-साथ शासकीय अधिकारी और कर्मचारी भी समान नागरिक संहिता के संबंध में अपने विचार प्रस्तुत कर सकते हैं।
लोकतांत्रिक व्यवस्था में हर नागरिक की राय का महत्व है, इसलिए इस अवसर का लाभ उठाकर अपनी बात सरकार तक पहुँचाना एक महत्वपूर्ण नागरिक जिम्मेदारी है।
