भोपाल/ओरछा। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने अपने रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' के दौरान 'कैच द रेन' अभियान पर चर्चा करते हुए मध्य प्रदेश के सीधी और नरसिंहपुर जिलों में जल संरक्षण के लिए किए गए उत्कृष्ट कार्यों की सराहना की है। प्रधानमंत्री ने कहा कि जल संरक्षण को एक जन-आंदोलन बनाने की आवश्यकता है, क्योंकि आज बचाई गई हर बूंद आने वाली पीढ़ियों के लिए सबसे बड़ी पूंजी है।
प्रधानमंत्री के संबोधन की मुख्य बातें:
- सीधी और नरसिंहपुर का उदाहरण: प्रधानमंत्री ने उल्लेख किया कि मध्य प्रदेश के सीधी जिले में लगभग 1500 नए तालाब बनाए गए हैं, वहीं नरसिंहपुर में अमृत सरोवरों को संवार कर नया जीवन दिया गया है।
- 'कैच द रेन' अभियान: प्रधानमंत्री ने कहा कि इस अभियान का संदेश बहुत स्पष्ट है—"जहां जब बारिश गिरे, पानी को वहीं सहेजिए।" 4 जुलाई से देशभर में चलाए जा रहे इस विशेष अभियान के तहत वर्षा जल संचयन, भू-जल रिचार्ज (Ground Water Recharge), पुराने जल स्रोतों के पुनर्जीवन और वृक्षारोपण को तेजी से बढ़ावा मिल रहा है।
- जनभागीदारी: गांव हों या शहर, पंचायतें हों या सामाजिक संस्थाएं—लोग इस मुहिम में बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं। पुराने तालाबों से गाद निकालने, कुओं व बावड़ियों को जीवंत करने और बंद पड़े बोरवेल को वाटर रिचार्ज का माध्यम बनाने के कार्य किए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री ने महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़ और ओडिशा में हुए कार्यों के भी उत्साहजनक परिणाम साझा किए।
ओरछा में मंत्रियों और जनप्रतिनिधियों ने सुना कार्यक्रम:
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने निवाड़ी जिले की ऐतिहासिक पर्यटन और धार्मिक नगरी ओरछा के कंचना घाट पर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के 'मन की बात' कार्यक्रम को सुना।
इस अवसर पर पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल, सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण तथा जिले के प्रभारी मंत्री श्री नारायण सिंह कुशवाह, राज्यसभा सांसद श्री महेश केवट, निवाड़ी विधायक श्री अनिल जैन सहित अन्य स्थानीय जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित रहे।
