इंदौर। इंदौर के सांसद श्री शंकर लालवानी को केंद्र सरकार ने 'राष्ट्रीय सामाजिक सुरक्षा बोर्ड' का सदस्य मनोनीत किया है। सामाजिक सुरक्षा संहिता-2020 के अंतर्गत गठित यह एक अत्यंत महत्वपूर्ण वैधानिक बोर्ड है, जो देश के करोड़ों असंगठित श्रमिकों और कामगारों के कल्याण के लिए नीतियां तैयार करने में केंद्रीय भूमिका निभाता है।
बोर्ड का कार्य और महत्व:
- नीतिगत सलाहकार: यह बोर्ड केंद्र सरकार को असंगठित श्रमिकों, गिग (Gig) एवं प्लेटफॉर्म कर्मियों (जैसे ऑनलाइन डिलीवरी, कैब सर्विस आदि) और स्वरोजगार से जुड़े नागरिकों के लिए पेंशन, बीमा, स्वास्थ्य सुरक्षा और कौशल विकास जैसे विषयों पर महत्वपूर्ण सुझाव देता है।
- असंगठित क्षेत्र को मजबूती: भारत की कार्यशील आबादी का एक बड़ा हिस्सा असंगठित क्षेत्र में है। बोर्ड उनकी समस्याओं को राष्ट्रीय स्तर पर उठाकर योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और सुदृढ़ीकरण में मदद करता है।
- डिजिटल अर्थव्यवस्था का ध्यान: बदलते समय के साथ ऐप-आधारित सेवाओं और लॉजिस्टिक्स से जुड़े कर्मियों के अधिकारों और कल्याणकारी योजनाओं पर यह बोर्ड विशेष नीतिगत निर्णय लेता है।
इंदौर और मध्यप्रदेश के लिए अवसर:
सांसद लालवानी का मनोनयन प्रदेश के लिए कई मायनों में महत्वपूर्ण है:
- प्रभावी प्रतिनिधित्व: इंदौर के छोटे व्यापारियों, स्ट्रीट वेंडर्स, ऑटो-टैक्सी चालकों, निर्माण श्रमिकों और घरेलू कामगारों की आवाज अब सीधे राष्ट्रीय मंच पर सुनी जाएगी।
- स्थानीय मुद्दों का समाधान: इंदौर एक प्रमुख औद्योगिक केंद्र है। बोर्ड में प्रतिनिधित्व होने से यहाँ के श्रमिक संगठनों, उद्योग और व्यापार जगत की समस्याओं और सुझावों को राष्ट्रीय नीतियों में शामिल करना आसान होगा।
सांसद का संकल्प
इस दायित्व को स्वीकार करते हुए श्री शंकर लालवानी ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय श्रम मंत्री श्री मनसुख मंडाविया के प्रति आभार व्यक्त किया है। उन्होंने विश्वास दिलाया कि वे इस जिम्मेदारी का निर्वहन पूरी निष्ठा के साथ करेंगे और असंगठित क्षेत्र के कामगारों के हितों को मजबूती से उठाकर 'आत्मनिर्भर भारत' के लक्ष्य को सशक्त बनाने में अपना योगदान देंगे।
