उज्जैन। पिपलीनाका क्षेत्र में चेम्बर निर्माण कार्य के दौरान हुई एक दुर्घटना के बाद जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय नजर आया। दुर्घटना की सूचना मिलते ही कलेक्टर श्री रौशन कुमार सिंह ने त्वरित संज्ञान लेते हुए जिला चिकित्सालय पहुंचकर घायलों का हाल जाना और उनके स्वास्थ्य की स्थिति की समीक्षा की।
सर्वोच्च प्राथमिकता: घायलों का उपचार
कलेक्टर श्री सिंह ने जिला चिकित्सालय के चिकित्सकों और स्वास्थ्य अमले को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि घायलों के उपचार में किसी भी स्तर पर कोई कोताही न बरती जाए। उनके प्रमुख निर्देश निम्नलिखित रहे:
- सर्वोत्तम चिकित्सा: सभी घायलों को सर्वोत्तम उपचार मुहैया कराया जाए।
- सतत निगरानी: घायलों को डॉक्टरों की निरंतर देखरेख और निगरानी में रखा जाए।
- त्वरित सुविधाएं: सभी आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाएं बिना किसी विलंब के उपलब्ध कराई जाएं।
परिजनों को दिया सांत्वना और सहयोग का भरोसा
कलेक्टर ने अस्पताल में भर्ती घायलों के परिजनों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिला प्रशासन इस संकट की घड़ी में उनके साथ है और घायलों की रिकवरी के लिए हर संभव प्रशासनिक एवं चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने यह भी सुनिश्चित किया कि उपचार व्यवस्था में किसी भी प्रकार की कमी नहीं आने दी जाएगी।
प्रशासन की पैनी नजर
दुर्घटना के बाद से ही जिला प्रशासन स्थिति की निरंतर मॉनिटरिंग कर रहा है ताकि प्रभावितों को हर जरूरी सहयोग समय पर मिल सके। इस दौरान जिला पंचायत के सीईओ श्री श्रेयांस कूमट, नगर निगम आयुक्त श्री अभिलाष मिश्रा और स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी मौके पर उपस्थित रहे।
