मंडला: जिला जेल का औचक निरीक्षण, प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने बंदियों को दी कानूनी सलाह


मंडला। राष्ट्रीय और राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशों के पालन में, प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्री कमल जोशी ने जिला जेल मंडला का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने जेल की व्यवस्थाओं का जायजा लेने के साथ-साथ बंदियों के लिए एक विशेष विधिक जागरूकता कार्यक्रम का भी आयोजन किया।

व्यवस्थाओं की बारीकी से जांच
निरीक्षण के दौरान श्री जोशी ने पुरुष एवं महिला बैरकों, जेल की पाकशाला, शौचालयों और परिसर में साफ-सफाई की स्थिति की गहन जांच की। उन्होंने जेल अधीक्षक को जेल मैनुअल के अनुरूप सभी मूलभूत सुविधाएं बंदियों को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

बंदियों से सीधा संवाद और विधिक मार्गदर्शन
जेल निरीक्षण के दौरान प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने बंदियों से सीधे संवाद किया। उन्होंने बंदियों की समस्याएं सुनीं और उन्हें कानूनी सलाह प्रदान की। आयोजित विधिक जागरूकता कार्यक्रम में बंदियों को उनके अधिकारों, मुफ्त विधिक सहायता के प्रावधानों और सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न विधिक योजनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।

न्यायाधीश के प्रमुख निर्देश:
  • मुफ्त विधिक सहायता: जिन बंदियों के पास अपना अधिवक्ता (वकील) नहीं है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर निःशुल्क विधिक सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।
  • पेशी और अपील: बंदियों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समय पर पेशी सुनिश्चित करने के लिए कहा गया। साथ ही, उन बंदियों को उच्च न्यायालय में अपील योग्य मामलों में शीघ्र मुफ्त कानूनी सहायता लेकर अपील दायर करने की सलाह दी गई।
इस निरीक्षण कार्यक्रम में सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्री तपन धारगा, जिला विधिक सहायता अधिकारी श्री विजय कुमार खोब्रागड़े, जेल अधीक्षक श्री संजय सहलाम सहित जेल का स्टाफ और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के कर्मचारी उपस्थित रहे।
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