उज्जैन: विक्रम उद्योगपुरी निरीक्षण में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बोले—औद्योगिक इकाइयों में स्थानीय किसानों और ग्रामीणों को मिले प्राथमिकता


उज्जैन। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरुवार को उज्जैन में विक्रम उद्योगपुरी का औचक निरीक्षण कर औद्योगिक विकास और निवेश परियोजनाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि औद्योगिक क्षेत्रों में स्थापित होने वाले उद्योगों में स्थानीय किसानों और ग्रामीणों को प्राथमिकता के आधार पर रोजगार के अधिक से अधिक अवसर मिलने चाहिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों को औद्योगिक इकाइयों की मांग के अनुरूप आवश्यक फसलों का उत्पादन करने के लिए प्रेरित किया जाए, जिससे उनकी आय में वृद्धि हो और उद्योगों को भी आसानी से कच्चा माल उपलब्ध हो सके। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की उद्योग-अनुकूल नीतियों और आधुनिक अधोसंरचना के कारण प्रदेश में औद्योगिक विकास तेजी से हो रहा है।

निरीक्षण और प्रमुख परियोजनाएं:
  • पेप्सिको इंडिया लिमिटेड की खाद्य प्रसंस्करण इकाई: मुख्यमंत्री ने लगभग 1,266 करोड़ रुपये के निवेश से स्थापित इस अत्याधुनिक इकाई का निरीक्षण किया (इस इकाई का वर्चुअल लोकार्पण पूर्व में किया गया था)। इससे लगभग 800 प्रत्यक्ष और बड़ी संख्या में अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित होंगे।
  • वर्किंग वूमेन हॉस्टल: औद्योगिक क्षेत्र में 50.05 करोड़ रुपये की लागत से निर्माणाधीन आधुनिक आवासीय परिसर का निरीक्षण किया गया। यह हॉस्टल औद्योगिक क्षेत्र में कार्यरत लगभग 1,500 महिलाओं को सुरक्षित और सुविधायुक्त आवास उपलब्ध कराएगा, जिससे महिला कार्यबल की भागीदारी को बढ़ावा मिलेगा।

उज्जैन में औद्योगिक प्रगति के आंकड़े (कलेक्टर द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट):
उज्जैन कलेक्टर श्री रौशन कुमार सिंह ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि:
  • पिछले ढाई वर्षों में जिले में 246 नई औद्योगिक इकाइयों को भूमि आवंटित की गई है, जिनसे लगभग 16,150 करोड़ रुपये के निवेश और 14,500 से अधिक प्रत्यक्ष रोजगार की संभावना है।
  • विक्रम उद्योगपुरी: लगभग 773 एकड़ में विकसित इस क्षेत्र में अब तक 94 भूखंड आवंटित हो चुके हैं, जिससे लगभग 6,480 करोड़ रुपये का निवेश अपेक्षित है।
  • मेडिकल डिवाइस पार्क: 360 एकड़ में विकसित इस पार्क में 74 औद्योगिक इकाइयों को भूमि दी जा चुकी है, जिसमें लगभग 2,894 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है।
  • विक्रम उद्योगपुरी फेज-2: उद्योगों की बढ़ती मांग को देखते हुए 488 हेक्टेयर भूमि पर इसका विकास किया जा रहा है। यहाँ अल्केम लेबोरेट्रीज़, अडानी समूह और वॉल्वो आयशर जैसी प्रतिष्ठित कंपनियों को भूमि आवंटित की गई है (लगभग 4,800 करोड़ का निवेश प्रस्तावित)। इसके अलावा 35 से अधिक अन्य इकाइयों से 15,000 करोड़ रुपये से अधिक के अतिरिक्त निवेश प्रस्ताव मिले हैं।
  • आईटी पार्क और वस्त्र उद्योग: प्रथम चरण का कार्य पूर्ण हो चुका है। वस्त्र एवं परिधान क्षेत्र में मेसर्स बेस्ट लाइफ कॉर्पोरेशन तथा मेसर्स प्रतिभा स्वराज लिमिटेड द्वारा 315 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश किया जा रहा है, जिससे 5 हजार से अधिक लोगों (विशेषकर महिलाओं) को रोजगार मिलेगा।

प्रमुख उपस्थिति:
निरीक्षण के दौरान स्थानीय विधायक श्री अनिल जैन कालूहेड़ा, विधायक श्री सतीश मालवीय, उज्जैन विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री रवि सोलंकी, श्री संजय अग्रवाल, मध्यप्रदेश हाउसिंग बोर्ड के अध्यक्ष श्री ओम जैन, संभागायुक्त श्री आशीष सिंह, पुलिस महानिरीक्षक श्री राकेश गुप्ता, पुलिस उपमहानिरीक्षक श्री नवनीत भसीन सहित अन्य जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।
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