इंदौर। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की पहल पर इंदौर में निर्मित मध्यप्रदेश का सबसे आधुनिक और भव्य 'श्री टंट्या मामा भील अंतरराज्यीय बस टर्मिनल' (ISBT) अब संचालन के लिए पूरी तरह तैयार है। संभागायुक्त डॉ. सुदाम खाड़े ने कुमेड़ी स्थित इस टर्मिनल का निरीक्षण कर तैयारियों को अंतिम रूप दिया है। लगभग 123 करोड़ रुपये की लागत से बना यह टर्मिनल यात्रियों को विश्वस्तरीय सुविधाएं प्रदान करेगा।
टर्मिनल की मुख्य विशेषताएं (एक नज़र में):
यह ISBT अपनी आधुनिकता और विशालता के कारण प्रदेश के अन्य टर्मिनलों से बिल्कुल अलग है:
- विशाल क्षमता: 15 एकड़ क्षेत्र में फैले इस टर्मिनल से 24 घंटे में लगभग 1,440 बसें आवाजाही करेंगी।
- यात्री भार: टर्मिनल बिल्डिंग में प्रतिदिन 80 हजार यात्रियों का आवागमन प्रस्तावित है। पीक ऑवर में 8 हजार यात्री एक साथ सुविधा का लाभ ले सकेंगे।
- एयरपोर्ट जैसी सुविधाएं: पूरे टर्मिनल बिल्डिंग में एयरपोर्ट की तर्ज पर एयर कूलिंग सिस्टम लगा है (जो प्रदेश में किसी भी ISBT में पहली बार है)। साथ ही 500 लोगों के बैठने की क्षमता, वीआईपी लाउंज, 14 टिकट काउंटर, पुलिस चौकी, मेडिकल रूम और क्लॉक रूम की व्यवस्था है।
- प्लेटफॉर्म और पार्किंग: कुल 43 बस प्लेटफॉर्म (28 जाने के लिए, 15 आने के लिए) बनाए गए हैं। साथ ही 1,000 से अधिक वाहनों की पार्किंग क्षमता है, जिसमें बेसमेंट पार्किंग भी शामिल है।
- मेट्रो कनेक्टिविटी: इस टर्मिनल की सबसे बड़ी विशेषता इसकी मेट्रो स्टेशन से सीधी कनेक्टिविटी है, जिससे यात्रियों को एक स्थान से दूसरे स्थान तक जाने में कोई असुविधा नहीं होगी।
व्यावसायिक और अतिरिक्त सुविधाएं:
यात्रियों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए यहाँ 16 रेस्टोरेंट, 37 दुकानें, 33 कार्यालय और 2 एटीएम की सुविधा उपलब्ध रहेगी। एमआर-10 रोड (75 मीटर चौड़ा) और अन्य संपर्क मार्गों के माध्यम से यहाँ पहुंचना बेहद सुगम होगा।
सिंहस्थ 2028 के लिए मील का पत्थर
संभागायुक्त डॉ. सुदाम खाड़े ने बताया कि यह टर्मिनल न केवल इंदौर के यातायात प्रबंधन को सुधारेगा, बल्कि आने वाले सिंहस्थ 2028 के दौरान लाखों श्रद्धालुओं के लिए आवागमन का सबसे महत्वपूर्ण और सुव्यवस्थित केंद्र साबित होगा। संचालन के लिए कंपनी का चयन हो चुका है और शीघ्र ही इसे जनता के लिए खोल दिया जाएगा।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर श्री शिवम वर्मा, नगर निगम आयुक्त श्री क्षितिज सिंघल, आईडीए सीईओ डॉ. परीक्षित झाडे और स्मार्ट सिटी के सीईओ श्री अर्थ जैन सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
