नई दिल्ली: क्या आपको भी सुबह सोकर उठने पर पीठ में अकड़न महसूस होती है? या फिर घंटों बैठने के बाद कमर का निचला हिस्सा सुन्न या दर्दनाक हो जाता है? अक्सर लोग इसे केवल थकान या काम का तनाव समझकर पेनकिलर खाकर दबा देते हैं। लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि यह एंकिलॉजिंग स्पॉन्डिलाइटिस (Ankylosing Spondylitis) जैसी गंभीर ऑटोइम्यून बीमारी की शुरुआत हो सकती है।
यह रीढ़ की हड्डी में होने वाली एक पुरानी सूजन है, जो वक्त के साथ जोड़ों को पूरी तरह जाम कर सकती है। भारत में जागरूकता की कमी के कारण इसके लक्षण बहुत देर से पकड़े जाते हैं।
बीमारी की पहचान में देरी के 5 प्रमुख कारणसामान्य दर्द समझना: लोग अक्सर इसे मांसपेशियों का खिंचाव या साधारण पीठ दर्द मान लेते हैं। सुबह की जकड़न को नजरअंदाज करना ही इस बीमारी को बढ़ने का मौका देता है।
- विशेषज्ञों का अभाव: छोटे शहरों में जोड़ों और हड्डियों के रोगों के विशेष डॉक्टरों (रूमेटोलॉजिस्ट) की कमी है। लोग जनरल डॉक्टरों के चक्कर लगाते रहते हैं और सही बीमारी तक पहुँचते-पहुँचते सालों बीत जाते हैं।
- महंगी और जटिल जाँच: शुरुआती एक्स-रे में यह बीमारी पकड़ में नहीं आती। इसके लिए MRI और HLA-B27 जैसे विशेष ब्लड टेस्ट की जरूरत होती है, जो थोड़े महंगे और हर जगह उपलब्ध नहीं होते।
- महिलाओं में अलग लक्षण: पुरुषों के मुकाबले महिलाओं में इसके लक्षण थोड़े धीमे या अलग होते हैं। कई बार इसे 'कमजोरी' या 'हार्मोनल बदलाव' मानकर अनदेखा कर दिया जाता है।
- आर्थिक और सामाजिक कारण: इलाज के खर्च का डर और काम की व्यस्तता के चलते लोग डॉक्टर के पास जाने के बजाय दर्द सहते रहते हैं, जो भविष्य में भारी पड़ता है।
लापरवाही के गंभीर परिणाम
यदि समय रहते इलाज शुरू न किया जाए, तो यह बीमारी शरीर को स्थायी रूप से अक्षम बना सकती है:
- हड्डियों का जुड़ना: रीढ़ की हड्डी के जोड़ आपस में जुड़कर एक 'सख्त बांस' की तरह हो सकते हैं, जिससे गर्दन या कमर मोड़ना असंभव हो जाता है।
- अंगों को नुकसान: यह सूजन केवल पीठ तक सीमित नहीं रहती; यह आंखों की रोशनी, हृदय की कार्यक्षमता और फेफड़ों पर भी बुरा असर डाल सकती है।
विशेषज्ञों की सलाह
डॉक्टरों का कहना है कि अगर आपको 3 महीने से ज्यादा लगातार कमर दर्द है और व्यायाम करने से उसमें आराम मिलता है, तो तुरंत विशेषज्ञ से मिलें। समय पर पहचान और सही फिजियोथेरेपी से इस बीमारी को बढ़ने से रोका जा सकता है।
याद रखें: हर कमर दर्द थकान नहीं होता। अपनी रीढ़ की हड्डी को सुरक्षित रखने के लिए लक्षणों को समझें और सही समय पर कदम उठाएं।