नई दिल्ली/वाशिंगटन। खाड़ी क्षेत्र में अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। गुरुवार देर रात होर्मुज के निकट ईरानी जहाजों और द्वीपों पर अमेरिकी नौसेना की कार्रवाई ने क्षेत्र में अस्थिरता बढ़ा दी है। इस संघर्ष के कारण वैश्विक तेल बाजार में हलचल मच गई और कच्चे तेल की कीमतों में 3% का उछाल देखा गया।
संघर्ष की शुरुआत और नुकसान
- अमेरिकी हमला: 'न्यूयॉर्क टाइम्स' के अनुसार, अमेरिकी नौसेना ने दो ईरानी जहाजों को निशाना बनाया, जिससे एक जहाज में आग लग गई। इस घटना में 10 नाविक घायल हुए और कुछ लापता बताए जा रहे हैं।
- ईरान का पलटवार: जवाब में ईरानी सेना ने अमेरिकी युद्धपोतों—ट्रक्सटन, पेराल्टा और मेसन—पर मिसाइलों और ड्रोनों से हमला किया। हालांकि, अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकाम) का दावा है कि उनके जहाजों को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है।
राष्ट्रपति ट्रंप की प्रतिक्रिया: 'प्यार भरी थपकी'
तनाव के बावजूद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसे युद्धविराम का उल्लंघन मानने से इनकार कर दिया। उन्होंने इस सैन्य कार्रवाई को ईरान के लिए एक 'प्यार भरी थपकी' (Love tap) करार दिया। ट्रंप ने कहा कि ईरान ने हमारे साथ खिलवाड़ करने की कोशिश की थी, जिसका उचित जवाब दे दिया गया है। उन्होंने चेतावनी भी दी कि यदि ईरान जल्द किसी समझौते पर नहीं पहुंचता, तो उसे भारी बमबारी का सामना करना पड़ सकता है।
यूएई का दावा और ईरान की चुप्पी
संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने भी इस बीच दावा किया कि ईरान ने उस पर दो बैलिस्टिक मिसाइलें और तीन ड्रोन दागे थे। यूएई के रक्षा मंत्रालय के अनुसार, इन हमलों को हवा में ही नाकाम कर दिया गया, हालांकि इस दौरान तीन लोग घायल हुए हैं। ईरान ने फिलहाल इन दावों पर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है।
होर्मुज में अन्य घटनाक्रम
- तेल टैंकरों पर संकट: ओमान की खाड़ी में ईरान ने 'ओशन कोई' नाम के एक तेल टैंकर को जब्त कर लिया है। वहीं, होर्मुज में एक चीनी तेल टैंकर पर भी हमला होने की खबर है, जिसे लेकर चीन ने कड़ी चिंता जताई है।
- ईरान का पक्ष: ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अमेरिका पर गैरजिम्मेदाराना व्यवहार का आरोप लगाते हुए कहा कि जब भी कूटनीतिक रास्ते खुलते हैं, अमेरिका बाधाएं खड़ी करता है।
आगे की स्थिति
यह संघर्ष ऐसे समय में हुआ है जब पूरी दुनिया अमेरिका द्वारा भेजे गए शांति प्रस्ताव पर ईरान के जवाब का इंतजार कर रही है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने उम्मीद जताई है कि जल्द ही ईरान की ओर से कोई सकारात्मक प्रतिक्रिया मिलेगी। दूसरी ओर, ईरान के उपराष्ट्रपति मोहम्मद रजा आरिफ ने दावा किया है कि ईरान जल्द ही अपनी जीत का जश्न मनाएगा और उस पर लगे अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंध समाप्त होंगे।