नई दिल्ली: केरल विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के नेतृत्व वाले UDF की शानदार जीत के बाद अब मुख्यमंत्री के नाम को लेकर मंथन तेज हो गया है। पार्टी द्वारा नियुक्त पर्यवेक्षकों, मुकुल वासनिक और अजय माकन ने शुक्रवार को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे से मुलाकात कर अपनी विस्तृत रिपोर्ट पेश कर दी है। इस रिपोर्ट में राज्य के नवनिर्वाचित विधायकों की राय को संकलित किया गया है।
दिल्ली में जुटे दिग्गज नेता
सरकार गठन और नेतृत्व के चयन पर अंतिम मुहर लगाने के लिए कांग्रेस हाई कमान ने केरल के वरिष्ठ नेताओं को दिल्ली तलब किया है। इनमें निम्नलिखित प्रमुख चेहरे शामिल हैं:
- वीडी सतीशन: वर्तमान विपक्ष के नेता।
- रमेश चेन्निथला: पार्टी के वरिष्ठ दिग्गज।
- के. सुधाकरन (सनी जोसेफ): प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष।
सूत्रों का कहना है कि रविवार तक केरल के अगले मुख्यमंत्री के नाम की आधिकारिक घोषणा की जा सकती है।
तीन दावेदार और समीकरण
मुख्यमंत्री की कुर्सी के लिए मुख्य रूप से तीन नामों के इर्द-गिर्द चर्चा सिमटी हुई है:
- केसी वेणुगोपाल: एआईसीसी महासचिव (संगठन) को अधिकांश विधायकों का समर्थन प्राप्त होने की चर्चा है। राहुल गांधी के करीबी होने के नाते उनका दावा सबसे मजबूत माना जा रहा है।
- वीडी सतीशन: पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच सतीशन की लोकप्रियता काफी अधिक है और वे उन्हें ही कमान सौंपते देखना चाहते हैं।
- रमेश चेन्निथला: एक अनुभवी चेहरे के रूप में चेन्निथला भी इस दौड़ में मजबूती से बने हुए हैं।
चुनावी आंकड़े एक नजर में
केरल की 140 सदस्यीय विधानसभा में इस बार कांग्रेस गठबंधन (UDF) ने प्रचंड बहुमत हासिल किया है:
- UDF की कुल सीटें: 102
- कांग्रेस की व्यक्तिगत सीटें: 63
सड़क पर उतरे समर्थक
नेतृत्व की यह जंग केवल बंद कमरों तक सीमित नहीं है, बल्कि सड़कों पर भी नजर आ रही है। तिरुअनंतपुरम से लेकर दिल्ली तक वेणुगोपाल और सतीशन के समर्थकों के बीच होर्डिंग वॉर और नारेबाजी का दौर जारी है। दिल्ली में सतीशन के स्वागत के लिए छात्र गुटों ने भी तैयारियां की हैं, जिससे हाई कमान पर दबाव साफ़ देखा जा सकता है।
