MP Board: 10वीं के छात्रों के लिए बड़ी खबर, गणित के 'बेसिक' और 'स्टैंडर्ड' नियमों में बड़ा बदलाव


ग्वालियर। माध्यमिक शिक्षा मंडल (MPBSE) ने कक्षा 10वीं और 11वीं के छात्रों के लिए गणित विषय के चयन को लेकर एक अत्यंत महत्वपूर्ण और राहत भरा निर्णय लिया है। बोर्ड के इस नए कदम से उन हजारों विद्यार्थियों का तनाव कम होगा, जो गणित की कठिनता को लेकर परेशान रहते थे। मंडल ने अब 'बेसिक' और 'स्टैंडर्ड' गणित के विकल्पों को लेकर नियमों में अधिक लचीलापन ला दिया है।

अब दूसरी परीक्षा में बदल सकेंगे अपना विकल्प

बोर्ड के नए प्रावधानों के मुताबिक, अब सरकारी और निजी स्कूलों के छात्रों को मुख्य परीक्षा के बाद अपना विकल्प बदलने की आजादी होगी:

  • यदि किसी छात्र ने मुख्य परीक्षा में 'स्टैंडर्ड' गणित लिया था और वह उसमें सफल या असफल रहता है, तो वह दूसरी परीक्षा में 'बेसिक' गणित का चुनाव कर सकता है।
  • इसी प्रकार, 'बेसिक' गणित के साथ मुख्य परीक्षा देने वाले छात्र दूसरी परीक्षा में 'स्टैंडर्ड' गणित का विकल्प चुन सकेंगे।

11वीं में गणित लेने का रास्ता हुआ आसान

माध्यमिक शिक्षा मंडल ने साल 2024 के पुराने और कड़े नियमों को वापस ले लिया है। अब छात्रों के लिए 11वीं में गणित विषय लेने की बाधाएं लगभग समाप्त हो गई हैं:

  • अब छात्र ने 10वीं की परीक्षा चाहे बेसिक गणित से पास की हो या स्टैंडर्ड से, वह कक्षा 11वीं में गणित विषय (Maths Stream) लेने के लिए पूरी तरह पात्र होगा।
  • प्राचार्य का विवेक: नए नियमों के अनुसार, यदि कोई छात्र बेसिक गणित के साथ 10वीं उत्तीर्ण कर 11वीं में गणित लेना चाहता है, तो स्कूल के प्राचार्य उसकी रुचि, पिछली शैक्षणिक स्थिति और योग्यता का आकलन करने के बाद प्रवेश पर अंतिम निर्णय लेंगे।

छात्रों पर क्या होगा असर?

शिक्षा जगत के विशेषज्ञों का मानना है कि इस निर्णय से उन विद्यार्थियों का कीमती साल बर्बाद होने से बचेगा, जो गणित के कठिन स्तर के कारण असफल हो जाते थे। यह बदलाव 11वीं में विषय चयन के मानसिक दबाव को भी कम करेगा। बोर्ड ने सभी स्कूलों को इन नए निर्देशों का तत्काल पालन सुनिश्चित करने के आदेश जारी कर दिए हैं।

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