MP में किसानों के मुद्दे पर कांग्रेस का हल्लाबोल: चक्काजाम से थमी हाईवे की रफ्तार, भीषण गर्मी में जनता बेहाल


इंदौर। किसानों की विभिन्न मांगों को लेकर गुरुवार को कांग्रेस ने मध्य प्रदेश में चौतरफा प्रदर्शन किया। 'चक्काजाम' के इस आह्वान का असर प्रदेश के कई हिस्सों में देखा गया, लेकिन इसने आम नागरिकों की मुश्किलों को काफी बढ़ा दिया। इंदौर के राऊ-पिगडंबर इलाके में आगरा-मुंबई नेशनल हाईवे (AB Road) पर कांग्रेसियों ने ट्रैक्टर-ट्रालियां खड़ी कर दीं, जिससे करीब सवा तीन घंटे तक यातायात पूरी तरह ठप रहा।

भीषण गर्मी और मीलों लंबा जाम

हाईवे जाम होने के कारण यात्री, छात्र, नौकरीपेशा लोग और एंबुलेंस जैसी आपातकालीन सेवाएं भी घंटों फंसी रहीं।

  • प्रभाव: मऊ की ओर जा रहीं यात्री बसें और बारातियों की गाड़ियां तेज धूप में खड़ी रहीं।
  • शिक्षा पर असर: मेडिकैप्स यूनिवर्सिटी जाने वाले छात्र समय पर कॉलेज नहीं पहुंच सके।
  • व्यापारिक नुकसान: पीथमपुर औद्योगिक क्षेत्र जाने वाले कर्मचारी और ट्रक ड्राइवर भी इस प्रदर्शन की वजह से गर्मी में परेशान होते नजर आए।

जीतू पटवारी और दिग्गजों का मोर्चा

शाजापुर के मक्सी टोल प्लाजा पर प्रदर्शन की कमान प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने संभाली।

  • आरोप: पटवारी ने कहा कि प्रदेश में टोकन व्यवस्था पूरी तरह विफल है और किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है।
  • अजीब स्थिति: प्रदर्शन के दौरान पटवारी जब गेहूं से भरी ट्राली पर बैठे, तो अनाज सड़क पर बिखर गया, जिस पर बाद में कार्यकर्ताओं के चलने की तस्वीरें भी सामने आईं।

इंदौर के प्रदर्शन में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, विधायक विक्रांत भूरिया, भैरोसिंह शेखावत और अन्य जिला स्तरीय नेता शामिल हुए। दोपहर ढाई बजे के बाद ही मार्ग बहाल हो सका।

क्यों हो रहा है प्रदर्शन? (प्रमुख मांगें)

आंदोलन के माध्यम से कांग्रेस ने सरकार के सामने अपनी 5 मुख्य शर्तें रखी हैं:

  1. गेहूं का दाम: गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) बढ़ाकर 2,700 रुपये प्रति क्विंटल किया जाए।
  2. कर्ज माफी: प्रदेश के किसानों का कर्ज माफ करने की मांग।
  3. पारदर्शी व्यवस्था: स्लॉट बुकिंग और टोकन सिस्टम की खामियां दूर हों।
  4. संसाधन: खरीदी केंद्रों पर बारदानों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।
  5. लागत पर नियंत्रण: खाद और यूरिया की बढ़ती कीमतों को नियंत्रित किया जाए।

धार, खरगोन और बड़वानी जैसे सीमावर्ती जिलों में भी प्रदर्शन के चलते आवाजाही प्रभावित रही। दोपहर बाद जब जाम खुला, तब कहीं जाकर लोगों ने राहत की सांस ली।

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