भोपाल। विषम परिस्थितियों को मात देकर सफलता की नई इबारत लिखने वाली मेधावी छात्रा कुमारी चांदनी विश्वकर्मा के हौसले का सम्मान करने स्वयं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव उनके घर पहुँचे। एमपी बोर्ड 12वीं की परीक्षा में शानदार सफलता हासिल करने वाली चांदनी से मिलने के लिए मुख्यमंत्री ई-स्कूटर पर सवार होकर भीम नगर बस्ती पहुंचे।
'गरीबी शिक्षा में कभी बाधा नहीं बनेगी'
मुख्यमंत्री ने चांदनी विश्वकर्मा और उनके परिजनों से आत्मीय भेंट की। उन्होंने चांदनी के परिश्रम और दृढ़ संकल्प की सराहना करते हुए कहा कि विपरीत आर्थिक परिस्थितियों के बावजूद चांदनी ने जो उपलब्धि हासिल की है, वह प्रदेश के लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि प्रतिभावान बेटी की उच्च शिक्षा में गरीबी कभी बाधा नहीं बनेगी और उन्हें शासन की सभी कल्याणकारी योजनाओं का पूरा लाभ दिलाया जाएगा।
ई-स्कूटर की सवारी: पर्यावरण संरक्षण का संदेश
अपनी सादगी के लिए पहचाने जाने वाले मुख्यमंत्री ने वैश्विक ईंधन संकट को देखते हुए पर्यावरण-संरक्षण का एक अनूठा संदेश दिया। वे स्वयं ई-स्कूटर चलाकर भीम नगर बस्ती पहुंचे और सुरक्षा के प्रति जागरूकता का परिचय देते हुए स्वयं हेलमेट पहना। उनके साथ विधायक श्री भगवान दास सबनानी भी मौजूद थे।
मुख्यमंत्री ने इस मौके पर नागरिकों से अपील की कि वे पर्यावरण बचाने और ईंधन की बचत के लिए इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाएं। उन्होंने याद दिलाया कि राष्ट्रहित में उन्होंने स्वयं के कारकेड (काफिले) को छोटा करने और उसमें इलेक्ट्रिक वाहनों को शामिल करने का निर्णय लिया है।
स्थानीय निवासियों से सीधा संवाद
भीम नगर बस्ती के अपने इस प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री ने स्थानीय निवासियों से प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में 'सेवा, सुशासन और गरीब कल्याण' के 12 वर्षों के सफर, सरकारी योजनाओं के असर और आमजन की समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की।
मुख्यमंत्री की यह यात्रा न केवल एक टॉपर का सम्मान करने के लिए थी, बल्कि यह संदेश भी देती है कि प्रदेश सरकार हर उस प्रतिभावान युवा के साथ खड़ी है जो अपनी मेहनत के दम पर सफलता के शिखर को छूना चाहता है।
