राजस्व कार्यों में लापरवाही पर प्रशासन सख्त: जायद गिरदावरी में सुस्ती पर तहसीलदारों का वेतन रोकने के निर्देश


बालाघाट। जिले में राजस्व कार्यों और शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं की समीक्षा के लिए आयोजित बैठक में अपर कलेक्टर श्री जी.एस. धुर्वे और श्री डी.पी. बर्मन ने प्रशासनिक कसावट लाते हुए सख्त रुख अपनाया है। बैठक में जायद फसलों की गिरदावरी में संतोषजनक प्रगति न होने पर कई तहसीलदारों का वेतन रोकने के निर्देश दिए गए हैं।

मुख्य निर्णय और निर्देश:
  • गिरदावरी में कोताही पर कार्रवाई: जायद फसलों की गिरदावरी कार्य में धीमी प्रगति को गंभीरता से लेते हुए अपर कलेक्टर श्री बर्मन ने संबंधित तहसीलदारों का वेतन रोकने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि गिरदावरी शासन की प्राथमिकताओं में है और इसमें किसी भी स्तर पर शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
  • फार्मर रजिस्ट्री के लिए विशेष शिविर: फार्मर रजिस्ट्री में अपेक्षित प्रगति न होने पर नाराजगी जताते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे विशेष शिविर आयोजित कर शत-प्रतिशत पात्र किसानों का पंजीयन सुनिश्चित करें।
  • सीएम हेल्पलाइन का प्राथमिकता से निराकरण: 500 दिवस से अधिक पुरानी लंबित शिकायतों पर चिंता जताते हुए अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे इन शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर निराकरण करें। नागरिकों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान प्रशासन की जवाबदेही है।
  • राजस्व अभिलेखों की शुद्धता: नक्शा तरमीम और अभिलेखों के अद्यतन (Update) कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं। अपर कलेक्टर ने कहा कि राजस्व अभिलेखों में त्रुटिरहित शुद्धता प्रशासनिक सुशासन की आधारशिला है।
  • समयबद्ध निपटारा: नामांतरण, सीमांकन और बंटवारा प्रकरणों को अनिवार्य रूप से आरसीएमएस (RCMS) पोर्टल पर दर्ज करने और निर्धारित समय-सीमा के भीतर अविवादित प्रकरणों का निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
प्रशासन की दो-टूक: 'पारदर्शिता और जवाबदेही अनिवार्य'
बैठक के अंत में वरिष्ठ अधिकारियों ने सभी एसडीएम और तहसीलदारों को निर्देशित किया कि वे शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं की नियमित समीक्षा करें। उन्होंने जोर दिया कि राजस्व विभाग का कार्य सीधे आम जनता के हितों से जुड़ा है, अतः सभी अधिकारियों को पारदर्शिता, संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ कार्य करना होगा।

बैठक में संयुक्त कलेक्टर श्री एम.आर. कोल, डिप्टी कलेक्टर श्री प्रदीप कौरव, अधीक्षक भू-अभिलेख श्री कृष्णा नायक सहित जिले के सभी अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) और तहसीलदार वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उपस्थित रहे।
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