मध्य प्रदेश में जल्द सक्रिय होगा मानसून: 15 जून तक दस्तक की संभावना


भोपाल: केरल में मानसून के आगमन में थोड़ी देरी जरूर हुई, लेकिन अब इसकी गति काफी तेज हो गई है। मौसम विभाग के जानकारों का मानना है कि यदि मानसून की मौजूदा रफ्तार बरकरार रही, तो यह 15 जून तक मध्य प्रदेश की सीमाओं में दाखिल हो जाएगा। फिलहाल, राज्य के अधिकांश हिस्सों में प्री-मानसून बारिश और तेज हवाओं का दौर चल रहा है, जिससे चिलचिलाती गर्मी से खासी राहत मिली है।

भोपाल में तापमान में भारी गिरावट
शनिवार रात हुई बारिश के चलते राजधानी भोपाल के पारे में बड़ी गिरावट दर्ज की गई। रविवार को यहाँ का न्यूनतम तापमान 21.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से 5.8 डिग्री सेल्सियस कम है। मौसम केंद्र भोपाल के विशेषज्ञ बीएस यादव ने बताया कि मानसून की तेज चाल को देखते हुए इसके 15 जून तक प्रदेश में पहुँचने के आसार हैं, जो कि मानसून का सामान्य समय भी है। गौरतलब है कि पहले मानसून के 20 से 22 जून के बीच आने की संभावना जताई जा रही थी।

बारिश और हवाओं का अपडेट
शनिवार-रविवार की दरमियानी रात प्रदेश के कई जिलों में वर्षा दर्ज की गई। आंकड़ों के अनुसार:
  • नर्मदापुरम: 20.6 मिमी
  • भोपाल: 11.6 मिमी
  • उमरिया: 2.6 मिमी
  • राजगढ़: 3.0 मिमी
  • रायसेन: 2.0 मिमी
  • जबलपुर: 1.0 मिमी
इसके साथ ही हवाओं का रुख भी काफी तेज रहा। हरदा, सीहोर, देवास और खंडवा में 60 किमी प्रति घंटे की गति से हवाएं चलीं। वहीं, इंदौर, उज्जैन, भोपाल, सागर और नर्मदापुरम में 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं दर्ज की गईं।

तापमान का मौजूदा हाल और पूर्वानुमान
प्रदेश के पूर्वी हिस्सों में अभी भी गर्मी का असर बरकरार है। खजुराहो (43.2 डिग्री सेल्सियस) और नौगांव (43.0 डिग्री सेल्सियस) राज्य के सबसे गर्म स्थान रहे। वहीं पश्चिमी मध्य प्रदेश में तापमान 35.8 से 41.7 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया।

मौसम विभाग ने पूर्वानुमान जताया है कि सोमवार को पूर्वी और पश्चिमी मध्य प्रदेश के निचले इलाकों में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है, जबकि बाकी हिस्सों में मौसम मुख्य रूप से सूखा रहेगा। विभाग के अनुसार, अगले चार दिनों के भीतर अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि हो सकती है।
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