भोपाल: राज्यसभा चुनाव के लिए कांग्रेस प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन ने आज पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और विधायकों की मौजूदगी में अपना नामांकन दाखिल किया। विधानसभा स्थित निर्वाचन कार्यालय पहुँचकर उन्होंने चार सेटों में नामांकन पत्र जमा किए। इस दौरान कांग्रेस ने पूरी एकजुटता दिखाते हुए 'विक्ट्री साइन' बनाकर जीत का दावा किया।
"भाजपा की खरीद-फरोख्त की राजनीति का देंगे जवाब"
नामांकन के बाद कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने भाजपा पर कड़े प्रहार किए। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने स्पष्ट शब्दों में कहा, "भाजपा का असली चेहरा जनता के सामने आ चुका है। हम किसी भी दबाव में नहीं आने वाले और पूरी मजबूती के साथ यह चुनाव जीतकर दिखाएंगे।" वहीं, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा, "भाजपा महिला सशक्तिकरण की बातें तो करती है, लेकिन एक महिला उम्मीदवार का ही विरोध कर रही है। यह उनकी 'हॉर्स ट्रेडिंग' (विधायकों की खरीद-फरोख्त) की हताशा को दर्शाता है, लेकिन हमारे सभी विधायक एकजुट हैं और हम 500% जीत दर्ज करेंगे।"
विधायकों को बाहर भेजने की रणनीति
राज्यसभा चुनाव में किसी भी अप्रत्याशित परिस्थिति से बचने के लिए कांग्रेस ने सतर्कता बरतनी शुरू कर दी है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, विधायकों को सुरक्षित रखने के लिए उन्हें राज्य से बाहर तेलंगाना या कर्नाटक भेजने की तैयारी है। कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि भाजपा उनके विधायकों को लुभाने या तोड़ने का प्रयास कर रही है।
- रणनीति: कांग्रेस हर स्थिति के लिए तैयार है। खबरों के अनुसार, भोपाल मध्य के विधायक आरिफ मसूद दिल्ली गए हैं, जहाँ से उनके अन्य राज्यों में शिफ्ट होने की संभावना है।
- नेताओं का दावा: तराना विधायक महेश परमार और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष कांतिलाल भूरिया ने भी इस बात की पुष्टि की है कि पार्टी को भाजपा द्वारा विधायकों से संपर्क साधने की सूचनाएं मिल रही हैं।
"लोकतांत्रिक मूल्यों की लड़ाई" - प्रभारी हरीश चौधरी
प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी ने भाजपा पर लोकतांत्रिक मर्यादाओं को तार-तार करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि इन चुनौतियों के बावजूद कांग्रेस का पूरा कुनबा एकजुट है और यह चुनाव केवल एक सीट की जीत नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों को बचाने की लड़ाई है।
फिलहाल, कांग्रेस का पूरा फोकस अपने विधायकों को साथ रखने और किसी भी तरह की टूट-फूट की आशंकाओं को खत्म करने पर है, ताकि राज्यसभा चुनाव में कोई बड़ा उलटफेर न हो सके।