सिहोरा (जबलपुर)। दिनांक : 26 जून 2026,
जिले में खनिज माफियाओं और नियमों को ताक पर रखकर अवैध उत्खनन करने वालों के खिलाफ जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए एक बड़ी कार्रवाई की है। कलेक्टर श्री राघवेन्द्र सिंह ने अवैध रेत उत्खनन और भंडारण के दो अलग-अलग मामलों में दोषियों पर कुल 23 लाख 62 हजार 500 रुपये का अर्थदण्ड अधिरोपित किया है।
क्या है मामला?
यह प्रकरण सिहोरा तहसील के ग्राम खम्हरिया कटरा से जुड़ा है, जहाँ 10 जून 2024 को तहसीलदार और सहायक खनिज निरीक्षक की संयुक्त जांच में अवैध गतिविधियाँ पकड़ी गई थीं। इसके बाद जिला खनिज अधिकारी द्वारा मामले को कलेक्टर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया था।
किन पर कितना जुर्माना?
कलेक्टर द्वारा सुनवाई के बाद दोनों मामलों में अर्थदण्ड की राशि तय की गई:
- अवैध उत्खनन (महेंद्र कुमार और सुरेन्द्र कुमार): इन पर पहले 9 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया था, लेकिन प्रशमन (Compounding) के लिए तैयार न होने पर कलेक्टर ने शास्ति को दोगुना करते हुए 18 लाख रुपये का अर्थदण्ड तय कर दिया।
- अवैध भंडारण (पुरुषोत्तम कौल): शासकीय भूमि पर बिना अनुमति रेत भंडारण के मामले में जुर्माना राशि 2 लाख 81 हजार 250 रुपये से बढ़ाकर दोगुनी यानी 5 लाख 62 हजार 500 रुपये कर दी गई है।
वसूली न होने पर कुर्की की चेतावनी
कलेक्टर श्री राघवेन्द्र सिंह ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि अर्थदण्ड की राशि निर्धारित समयावधि में शासन के खाते में जमा कराई जाए। यदि दोषी व्यक्ति समय पर जुर्माना नहीं भरते हैं, तो प्रशासन भू-राजस्व संहिता के प्रावधानों के तहत उनकी संपत्ति की कुर्की और वसूली की कार्रवाई करेगा।
इस कार्रवाई ने स्पष्ट कर दिया है कि जिले में खनिज संसाधनों का अवैध दोहन करने वालों के विरुद्ध प्रशासन का 'जीरो टॉलरेंस' अभियान जारी रहेगा।
