इंदौर: शहर में जलापूर्ति और जल संरक्षण को लेकर नगर निगम ने दो महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने पश्चिम इंदौर के लिए एक बड़ी जल परियोजना का शिलान्यास किया, साथ ही शहर के जल संरक्षण मॉडल की सराहना की।
पश्चिम इंदौर को मिलेगी निर्बाध जलापूर्ति
महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने पश्चिम इंदौर में 30 MLD (मिलियन लीटर प्रतिदिन) क्षमता वाले जीएसआर (ग्राउंड सर्विस रिजर्वायर) निर्माण कार्य का भूमिपूजन किया। इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य अगले 20-25 वर्षों की जल मांग को पूरा करना है।
- लाभान्वित क्षेत्र: इस परियोजना के पूरा होने से रेती मंडी, रंगवासा, प्रगति नगर, ग्रेटर वैशाली, स्कीम-71, केट रोड, बीएसएफ क्षेत्र और चंदन नगर सहित आसपास के कई मोहल्लों में पानी की किल्लत दूर होगी।
- अधिकारियों का पक्ष: जल कार्य प्रभारी अभिषेक शर्मा 'बबलू' ने बताया कि निगम का लक्ष्य आधुनिक जल वितरण प्रणाली तैयार करना है ताकि नागरिकों को नियमित और पर्याप्त पानी मिल सके।
ट्रेजर टाउन बना जल संरक्षण का प्रेरणास्रोत
महापौर ने जोन-13 स्थित ट्रेजर टाउन कॉलोनी का निरीक्षण किया, जो जल संरक्षण के मामले में शहर के लिए एक अनुकरणीय उदाहरण बनकर उभरी है।
- नवाचार: कॉलोनी के रहवासियों और प्रबंधन ने जनभागीदारी से एक ऐसा मॉडल तैयार किया है, जहाँ प्रत्येक भवन से निकलने वाले बारिश के पानी के आउटलेट को सीधे 'रिचार्ज पिट' से जोड़ दिया गया है।
- लक्ष्य: वर्तमान में यहाँ चार रिचार्ज पिट बन चुके हैं। कॉलोनी का लक्ष्य यह है कि वर्षा की एक भी बूंद व्यर्थ न जाए और पानी कॉलोनी से बाहर न जाकर भू-जल स्तर को बढ़ाने में काम आए।
- महापौर की सराहना: महापौर ने इसे नागरिकों की जिम्मेदारी का उत्कृष्ट उदाहरण बताते हुए कहा कि जल संरक्षण के इस मॉडल को शहर की अन्य कॉलोनियों में भी अपनाया जाना चाहिए।