धार। प्रदेश भर में सहकारिता आंदोलन को नई गति देने और शासन की कल्याणकारी योजनाओं को जन-जन तक पहुँचाने के उद्देश्य से 29 जून से 6 जुलाई 2026 तक 'सहकारी सप्ताह' का गरिमामय आयोजन किया जा रहा है। इस दौरान जिला, विकासखंड और प्राथमिक सहकारी समितियों के स्तर पर विविध कार्यक्रमों के माध्यम से सहकारिता की भावना को सुदृढ़ किया जाएगा।
जागरूकता रथ को मिली हरी झंडी
सहकारिता सप्ताह के औपचारिक शुभारंभ पर कलेक्टर श्री राजीव रंजन मीना ने जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह प्रचार वाहन जिले के विभिन्न क्षेत्रों में घूमकर शासन की जन-कल्याणकारी योजनाओं का प्रचार-प्रसार करेगा। इस अवसर पर उपायुक्त सहकारिता सुश्री वर्षा श्रीवास और जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री के.के. रायकवार सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
सप्ताह भर के प्रमुख कार्यक्रम और नवाचार
सहकारिता सप्ताह का मुख्य लक्ष्य किसानों को तकनीक, डिजिटल बैंकिंग और आधुनिक कृषि पद्धतियों से जोड़कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। सप्ताह के दौरान निम्नलिखित प्रमुख गतिविधियाँ आयोजित की जाएंगी:
- कृषि एवं विपणन सम्मेलन: विपणन समितियों, पैक्स (PACS) और एफपीओ (FPOs) के बीच संवाद और कृषि विपणन अभियान।
- व्यवसाय संवर्धन: सहकारी बैंकों द्वारा नए सदस्य बनाना, किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) वितरण और क्यूआर कोड आधारित विशेष वसूली अभियान।
- महिला सशक्तिकरण: दुग्ध सहकारी संस्थाओं में महिला सदस्यों का सम्मेलन और महिला उद्यमियों का सम्मान।
- तकनीकी प्रदर्शन: किसानों को आधुनिक कृषि तकनीक से जोड़ने के लिए ड्रोन के माध्यम से तरल उर्वरक छिड़काव का प्रदर्शन और माइक्रो एटीएम के उपयोग की जानकारी।
- संगोष्ठियाँ और नवाचार: मत्स्य, दुग्ध, वनोपज एवं बीज समितियों की भूमिका पर चर्चा, मिलेट (श्री अन्न) उत्पादों की प्रदर्शनी और बीज व्यवसाय में नवाचार।
- जन-भागीदारी: प्रत्येक पैक्स में ध्वजारोहण, वृक्षारोपण, सहकार संकल्प दौड़ और मृदा स्वास्थ्य परीक्षण जैसे कार्यक्रम।
'सहकार से समृद्धि' का संकल्प
सहकारिता विभाग ने सभी किसानों, दुग्ध उत्पादकों, मत्स्य पालकों और आम नागरिकों से इन कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की है। इस आयोजन का उद्देश्य "सहकार से समृद्धि, सशक्त समाज और सशक्त भारत" के संकल्प को धरातल पर उतारना है। यह अभियान न केवल सहकारी संस्थाओं की उपलब्धियों को प्रदर्शित करेगा, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को डिजिटल और आधुनिक तकनीकों के साथ जोड़कर एक नई दिशा प्रदान करेगा।
