लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर के जीवन दर्शन पर केंद्रित पुस्तक का विमोचन: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किया 'राष्ट्र पुनरुत्थान की संकल्पना' का लोकार्पण


भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने निवास (समत्व भवन) में मध्यप्रदेश हिन्दी ग्रंथ अकादमी द्वारा प्रकाशित पुस्तक 'लोकमाता अहिल्याबाई : राष्ट्र पुनरुत्थान की संकल्पना' का विधिवत् विमोचन किया। यह पुस्तक भारतीय इतिहास की महान वीरांगना और कुशल शासिका माता अहिल्याबाई होल्कर के व्यक्तित्व, कृतित्व और उनके दूरदर्शी शासन के विभिन्न आयामों को उजागर करती है।

पुस्तक की प्रमुख विशेषताएं:
मुख्यमंत्री द्वारा विमोचित इस महत्वपूर्ण कृति में शोधपरक लेखों का संकलन है, जो लोकमाता के जीवन को एक नई दृष्टि से प्रस्तुत करते हैं:
  • विस्तृत शोध: पुस्तक में कुल 19 अध्याय हैं, जो अहिल्याबाई के जीवन प्रबंधन, न्यायप्रियता, प्रशासनिक दक्षता और सांस्कृतिक पुनर्निर्माण जैसे विषयों को समाहित करते हैं।
  • समाज सुधार पर केंद्रित: इसमें बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध उनके संघर्ष, नारी स्वाभिमान, भारतीय हस्तशिल्प को बढ़ावा देने और समाजोत्थान में उनकी भूमिका का गहराई से विश्लेषण किया गया है।
  • ऐतिहासिक व सांस्कृतिक विश्लेषण: भारतीय ज्ञान परंपरा में लोकमाता के अमूल्य योगदान और उनके द्वारा स्थापित राष्ट्र एकता की संकल्पना को ऐतिहासिक संदर्भों के साथ समझाया गया है।
एक प्रेरणादायी जीवन गाथा
पुस्तक के विमोचन पर मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर का जीवन महज एक गाथा नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति का स्वाभाविक विस्तार है। उन्होंने साबित किया कि भारतीय नारी संत, विदुषी और योद्धा होने के साथ-साथ एक अत्यंत कुशल शासिका भी हो सकती है।

कार्यक्रम में गरिमामयी उपस्थिति
इस विमोचन समारोह में मध्यप्रदेश हिन्दी ग्रंथ अकादमी के संचालक श्री अशोक कड़ेल, राष्ट्रीय तकनीकी शिक्षक प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान के निदेशक श्री चंद्रचारु त्रिपाठी और माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय के कुलगुरु श्री विजय मनोहर तिवारी उपस्थित रहे।

यह शोधपरक पुस्तक मात्र 160 रुपये के मूल्य पर उपलब्ध है। यह कृति विद्यार्थियों, शोधार्थियों और इतिहास में रुचि रखने वाले आम पाठकों के लिए एक अत्यंत उपयोगी और प्रेरणादायी दस्तावेज़ सिद्ध होगी।
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