इंदौर में पानी पर 'सियासी संग्राम': जीतू पटवारी ने जिसे बताया था दूषित, महापौर भार्गव ने खुद पीकर दिया जवाब


इंदौर: मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में पीने के पानी की शुद्धता को लेकर राजनेताओं के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी द्वारा पानी की गुणवत्ता पर उठाए गए सवालों का जवाब देने के लिए इंदौर के महापौर पुष्यमित्र भार्गव खुद मैदान में उतरे। सोमवार को महापौर सुदामा नगर इलाके में पहुंचे और वहां आम रहवासियों के घरों में आ रहे नल के पानी को खुद पीकर यह दावा किया कि शहर की जलापूर्ति पूरी तरह सुरक्षित और स्वच्छ है।

महापौर भार्गव ने जीतू पटवारी पर भ्रम फैलाने और झूठ बोलने का आरोप लगाया। उन्होंने सवाल खड़ा किया कि अगर कांग्रेस ने शहर से 240 सैंपल लेने का दावा किया था, तो सार्वजनिक तौर पर केवल 130 सैंपलों की ही रिपोर्ट क्यों जारी की गई? बाकी बचे हुए सैंपल और उन स्थानों की जानकारी कांग्रेस क्यों छुपा रही है?

क्या था विवाद? 
दरअसल, कुछ दिनों पहले कांग्रेस नेता जीतू पटवारी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में आरोप लगाया था कि इंदौर का लगभग 90 फीसदी पानी पीने लायक नहीं है और उन्होंने विशेष रूप से सुदामा नगर के पानी को सेहत के लिए बेहद हानिकारक करार दिया था। इसके जवाब में महापौर ने वहां पानी पीते हुए कहा कि जनता महीनों से यही पानी इस्तेमाल कर रही है और नगर निगम पानी से जुड़ी हर शिकायत की निष्पक्ष जांच के लिए हमेशा तैयार है। इस पूरी घटना का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर जारी किया गया है।\

वार्ड 76 का हाल: 130 कॉलोनियां, 4 गांव और पानी सप्लाई के लिए महज दो टैंकर; कनाडिया चौराहे पर 4 घंटे चक्काजाम
एक तरफ जहां शहर में पानी की शुद्धता पर राजनीति हो रही है, वहीं दूसरी तरफ इंदौर के वार्ड क्रमांक 76 में पानी की भारी किल्लत को लेकर जनता का गुस्सा फूट पड़ा। नर्मदा लाइन से महरूम इस वार्ड में 130 से ज्यादा कॉलोनियां और 4 बड़े गांव (कनाडिया, बिचौली हप्सी, टिगरिया बादशाह) शामिल हैं, लेकिन पूरे क्षेत्र में पानी की सप्लाई के लिए नगर निगम ने सिर्फ दो टैंकर उपलब्ध कराए हैं।

इस घोर किल्लत के विरोध में सोमवार को क्षेत्रीय पार्षद सीमा सोलंकी के नेतृत्व में आक्रोशित रहवासियों ने कनाडिया चौराहा घेर लिया और करीब 4 घंटे तक सड़क पर धरना दिया।
  • जनता की परेशानी: पार्षद सोलंकी ने बताया कि नर्मदा ग्रिड न होने से पूरा क्षेत्र पूरी तरह बोरिंग के पानी पर निर्भर है। गर्मी में जलस्तर गिरने से हाहाकार मचा हुआ है।
  • टैंकरों की कमी और पक्षपात: इतने बड़े इलाके के लिए सिर्फ दो टैंकर (एक 20 हजार लीटर और दूसरा 5 हजार लीटर क्षमता का) दिए गए हैं। आरोप है कि इन टैंकरों के संचालन में भी भेदभाव किया जा रहा है और आम जनता तक पानी नहीं पहुंच पा रहा है।
निगमायुक्त का आश्वासन: चक्काजाम और भारी हंगामे की सूचना मिलते ही नगर निगम के आला अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने आक्रोशित जनता और पार्षद की मांग को जायज मानते हुए भरोसा दिया कि निगमायुक्त खुद एक-दो दिनों में स्थिति की समीक्षा करेंगे और वार्ड के लिए अतिरिक्त टैंकरों की तत्काल व्यवस्था की जाएगी। इस ठोस आश्वासन के बाद ही नागरिकों ने अपना 4 घंटे पुराना धरना समाप्त किया।

श्रीयंत्र नगर में सुधरी क्षतिग्रस्त नर्मदा लाइन, आज होगी टेस्टिंग
इंदौर के श्रीयंत्र नगर इलाके के निवासियों के लिए राहत की खबर है। खंडवा रोड क्षेत्र में एक निजी कंपनी द्वारा ऑप्टिकल फाइबर केबल बिछाने के लिए की जा रही अंधाधुंध खुदाई के दौरान नर्मदा जल प्रदाय की मुख्य लाइन क्षतिग्रस्त हो गई थी। लापरवाही के कारण करीब आधे घंटे तक लाखों लीटर पानी सड़क पर बहकर बर्बाद हो गया था।

नगर निगम ने तुरंत संज्ञान लेते हुए पानी की सप्लाई रोकी और सोमवार को इस फूटी हुई लाइन का मरम्मत कार्य पूरी तरह मुस्तैद रहकर पूरा कर लिया। अधिकारियों के मुताबिक, मंगलवार को क्षेत्र में पानी की सप्लाई बहाल करने के साथ ही रिपेयर की गई इस लाइन की प्रेशर टेस्टिंग भी की जाएगी।
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