उज्जैन में मोहित हत्याकांड: पुलिस पर अभद्रता का आरोप लगा परिजनों का महाकाल थाने पर हंगामा, आत्मदाह की कोशिश, चक्काजाम


उज्जैन: मध्य प्रदेश के उज्जैन के नलिया बाखल इलाके में हुए युवक मोहित मंसोरिया की हत्या के मामले में सोमवार को महाकाल थाने के सामने जबरदस्त हाई-वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला। मृतक के परिजनों ने पुलिस प्रशासन पर बदसलूकी और प्रताड़ना का गंभीर आरोप लगाते हुए थाने के बाहर मुख्य सड़क पर चक्काजाम कर दिया। इस विरोध प्रदर्शन के दौरान न्याय न मिलने से हताश कुछ परिजनों ने मोटरसाइकिल से पेट्रोल निकालकर खुद पर छिड़ककर आत्मदाह करने का भी प्रयास किया, जिसे वहां मौजूद लोगों ने वक्त रहते विफल कर दिया।

क्या है पूरा मामला?
यह पूरा विवाद रविशंकर नगर के रहने वाले 18 वर्षीय मोहित (पुत्र प्रेमनारायण मंसोरिया) की हत्या से जुड़ा है। बीते 28 मई की रात नलिया बाखल क्षेत्र में आपसी रंजिश और विवाद के चलते कुछ लोगों ने मोहित पर चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर उसकी जान ले ली थी। इस मामले में तत्परता दिखाते हुए महाकाल थाना पुलिस ने मुख्य आरोपी एकलव्य शर्मा (19 वर्ष) सहित दो नाबालिगों को गिरफ्तार किया था। अदालत के आदेश पर मुख्य आरोपी को जेल और दोनों नाबालिगों को बाल सुधार गृह (संप्रेषणगृह) भेजा जा चुका है।

थाने से बाहर निकालने का आरोप, धरने पर बैठीं महिलाएं
परिजनों का आरोप है कि सोमवार को महाकाल पुलिस ने उन्हें बयान दर्ज कराने के लिए थाने बुलाया था। जब वे अंदर गए और केस की प्रोग्रेस व सबूतों के बारे में जानकारी मांगी, तो वहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया और उन्हें थाने से बाहर खदेड़ दिया।

विरोध प्रदर्शन: पुलिस के इस रवैये से नाराज होकर पीड़ित परिवार के लोग और स्थानीय निवासी थाने के बाहर ही धरने पर बैठ गए। इस बीच माहौल तब और गरमा गया जब एक महिला विरोध स्वरूप पुलिस की गाड़ी के आगे लेट गई और कुछ युवकों ने खुद पर पेट्रोल डालने की कोशिश की।

पुलिस प्रशासन की सफाई: "बाहर भगाया नहीं, बिजली गुल होने के कारण बैठने को कहा था"
थाने पर बवाल और हंगामे की सूचना मिलते ही थाना प्रभारी (TI) गगन बादल सहित अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने पीड़ित परिवार को उचित कार्रवाई और निष्पक्ष जांच का भरोसा दिलाकर चक्काजाम खुलवाया और मामले को शांत किया।

इस पूरे विवाद पर टीआई गगन बादल ने पुलिस का पक्ष रखते हुए कहा:
"तेज आंधी-तूफान के कारण थाने की बिजली गुल हो गई थी। इस वजह से परिजनों को कुछ समय के लिए बाहर बैठने का आग्रह किया गया था। परिजनों के बीच यह गलतफहमी पैदा हो गई कि पुलिस उन्हें थाने से भगा रही है। पुलिस नियमानुसार सख्त कार्रवाई कर रही है और परिवार को न्याय दिलाया जाएगा।"
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