नेपाल का बड़ा फैसला: भंसार शुल्क मुक्त सामान की सीमा बढ़ाई, पर सीमावर्ती जनता अब भी नाखुश


नेपाल: भारत-नेपाल सीमा पर पिछले कुछ समय से भंसार (सीमा शुल्क) नियमों को लेकर जारी विवाद के बीच नेपाल सरकार ने आंशिक राहत दी है। सरकार ने शुल्क मुक्त सामान ले जाने की सीमा को 100 नेपाली रुपये से बढ़ाकर 500 नेपाली रुपये (लगभग 312-313 भारतीय रुपये) कर दिया है।

क्या है नया नियम? 
वित्त मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, अब सीमा पार से निजी उपयोग के लिए 500 नेपाली रुपये तक का सामान लाने पर कोई शुल्क नहीं देना होगा। यह निर्णय तब लिया गया जब 100 नेपाली रुपये की पुरानी सीमा के कारण स्थानीय नागरिकों और सुरक्षा एजेंसियों के बीच अक्सर विवाद की स्थिति बन रही थी। मामला सर्वोच्च न्यायालय तक पहुँचने के बाद सरकार ने इसे संशोधित किया है।

क्यों है विरोध? 
नियम में बदलाव के बावजूद सीमावर्ती क्षेत्रों के निवासियों में असंतोष बरकरार है। स्थानीय लोगों का तर्क है:
  • व्यावहारिकता का अभाव: 500 रुपये की सीमा इतनी कम है कि इसमें दैनिक उपयोग की मामूली वस्तुएं या एक साधारण जैकेट भी खरीदना संभव नहीं है।
  • पारिवारिक और सांस्कृतिक संबंध: भारत और नेपाल के बीच दशकों पुराने सामाजिक और पारिवारिक संबंध हैं, जिसके चलते लोग सीमा के इस पार से उस पार खरीदारी के लिए आते-जाते हैं।
  • मांग: स्थानीय जनता और व्यापारियों की मांग है कि शुल्क मुक्त सीमा को बढ़ाकर कम से कम 5,000 नेपाली रुपये किया जाए, ताकि यह आम आदमी के लिए वास्तव में उपयोगी साबित हो सके।
सीमावर्ती अर्थव्यवस्था पर असर 
विशेषज्ञों का मानना है कि भंसार नियमों की यह सख्ती न केवल छोटे व्यापारियों के व्यापार को प्रभावित कर रही है, बल्कि सीमावर्ती बाजारों की रौनक पर भी इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। व्यापारियों का कहना है कि भारत की ओर से नेपाली नागरिकों को अपेक्षाकृत अधिक राहत दी जाती है, उसी तर्ज पर नेपाल सरकार को भी अधिक उदार नीति अपनानी चाहिए।




Previous Post Next Post

نموذج الاتصال