दिनांक : 16 जून 2026
इंदौर। देश को रक्षा उत्पादों के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में मध्य प्रदेश ने एक बड़ा कदम बढ़ाया है। हाल ही में मध्य प्रदेश इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (MPIDC) और रक्षा उत्पादन विभाग द्वारा 'डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग आत्मनिर्भरता' विषय पर एक राज्य-स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में मध्य प्रदेश को 'को-लीड स्टेट' के रूप में चिन्हित किया गया, जो राज्य की औद्योगिक क्षमता को नई पहचान दिलाता है।
आत्मनिर्भर भारत: एक मिशन, न कि केवल नारा
संभागायुक्त डॉ. सुदाम खाड़े ने कार्यशाला की अध्यक्षता करते हुए स्पष्ट किया कि रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता अब केवल एक नारा नहीं, बल्कि एक अनिवार्य मिशन है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का विजन है कि भारत स्वदेशी रक्षा उत्पादों के निर्माण में वैश्विक मानक (Global Standard) स्थापित करे। उन्होंने उपस्थित स्टार्टअप्स, एमएसएमई (MSMEs) और शोध संस्थानों से आह्वान किया कि वे सरकारी इको-सिस्टम और अनुदान सुविधाओं का लाभ उठाकर रक्षा क्षेत्र में स्वदेशी भूमिका बढ़ाएं।
कार्यशाला के मुख्य बिंदु:
- सृजन पोर्टल की भूमिका: एयर मॉर्शल श्री विभास पाण्डे ने बताया कि रक्षा मंत्रालय का 'सृजन पोर्टल' उद्योगपतियों के लिए एक महत्वपूर्ण कड़ी है। इसके माध्यम से रक्षा विभाग द्वारा क्रय किए जाने वाले उत्पादों की जानकारी मिलती है और उद्योगपति अपने उत्पाद सीधे रक्षा विभाग तक पहुँचा सकते हैं।
- नीतियों का विस्तार: रक्षा उत्पादन विभाग के डेप्यूटी डायरेक्टर श्री अनिल राय ने प्रजेंटेशन के माध्यम से बताया कि भारत सरकार पूरे देश में आरएंडडी (R&D) और टेस्टिंग फैसिलिटी का तेजी से विस्तार कर रही है ताकि स्टार्टअप्स और एमएसएमई को सशक्त बनाया जा सके।
- मध्य प्रदेश की विशेष नीति: MPIDC के कार्यकारी संचालक श्री हिमांशु प्रजापति ने बताया कि मध्य प्रदेश सरकार की विशेष रक्षा उत्पादन नीति राज्य में निवेश और विनिर्माण के लिए एक मजबूत इको-सिस्टम प्रदान करती है।
उद्योगपतियों के सुझाव और जिज्ञासाएँ
कार्यशाला में औद्योगिक प्रतिनिधियों ने भी अपनी राय रखी:
- कॉमन फैसिलिटी सेंटर: पीथमपुर औद्योगिक संगठन के अध्यक्ष श्री गौतम कोठारी ने रक्षा उत्पादों के लिए सर्टिफिकेशन और आरएंडडी सुविधाओं से युक्त 'कॉमन फैसिलिटी सेंटर' की स्थापना का सुझाव दिया।
- आयात पर निर्भरता कम करना: उद्योगपतियों ने मांग की कि आयातित रक्षा उत्पादों की सूची निर्माताओं को उपलब्ध कराई जाए, ताकि उन्हें देश में ही तैयार कर आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ा जा सके।
- पोर्टल को सरल बनाना: स्टार्टअप्स ने 'सृजन पोर्टल' को अधिक यूजर-फ्रेंडली और सरल बनाने का अनुरोध किया ताकि नई इकाइयां बिना किसी बाधा के जुड़ सकें।
इस कार्यशाला में एयर मॉर्शल श्री विभास पाण्डे, मेजर जनरल श्री एस.के. श्रीवास्तव, कर्नल श्री राकेश सिसोदिया सहित 100 से अधिक औद्योगिक प्रतिनिधियों ने भाग लिया। संभागायुक्त ने आश्वासन दिया कि कार्यशाला में प्राप्त सभी महत्वपूर्ण सुझावों को केंद्र सरकार के समक्ष रखा जाएगा ताकि नीतिगत स्तर पर आवश्यक कार्यवाही की जा सके।
