प्रशासनिक जवाबदेही पर जोर: संभाग आयुक्त श्री करमवीर शर्मा ने दिए साप्ताहिक जिलों के भ्रमण और प्रभावी समीक्षा के निर्देश


दिनांक : 19 जून 2026
भोपाल। संभाग आयुक्त श्री करमवीर शर्मा ने एक उच्च-स्तरीय समीक्षा बैठक में विभागीय अधिकारियों को शासन की योजनाओं के प्रति अधिक सक्रिय और परिणामोन्मुखी होने के स्पष्ट निर्देश दिए हैं। संभाग आयुक्त कार्यालय में आयोजित साप्ताहिक समीक्षा बैठक में उन्होंने सीएम हेल्पलाइन, लोक सेवा गारंटी सेवाओं और लंबित विभागीय प्रकरणों के गुणवत्तापूर्ण निराकरण को प्राथमिकता देने पर जोर दिया।

'मैदानी निरीक्षण' से योजनाओं का होगा आकलन
संभाग आयुक्त ने सभी संभागीय अधिकारियों को अनिवार्य रूप से प्रत्येक सप्ताह संभाग के जिलों का भ्रमण करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि अधिकारी केवल कार्यालयों में बैठकर काम न करें, बल्कि मैदानी स्तर पर जाकर विभागीय विकास कार्यों और सरकारी योजनाओं के वास्तविक क्रियान्वयन का भौतिक निरीक्षण करें। निरीक्षण के दौरान सामने आने वाली समस्याओं का तत्काल निराकरण सुनिश्चित करना अधिकारियों की जिम्मेदारी होगी।

बेहतर समन्वय के लिए 'साप्ताहिक प्रस्तुतीकरण'
प्रशासनिक कार्यों में बेहतर तालमेल और कार्य-संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए एक नई पहल की गई है। अब प्रत्येक सप्ताह 2 से 3 विभागों द्वारा अपने कार्यों का विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया जाएगा। इसमें विभाग की संरचना, प्रमुख योजनाएं, लक्ष्य, नवाचार और प्रगति की अद्यतन स्थिति को साझा किया जाएगा, जिससे विभागों के बीच समन्वय को मजबूती मिले।

गुणवत्तापूर्ण निराकरण ही प्राथमिकता
सीएम हेल्पलाइन के प्रकरणों पर चर्चा करते हुए श्री शर्मा ने स्पष्ट किया कि अधिकारियों को केवल शिकायतों के आंकड़ों को कम करने पर ही ध्यान नहीं देना है, बल्कि समाधान की गुणवत्ता पर विशेष जोर देना है। उन्होंने कहा कि:
  • लोक सेवा गारंटी: नागरिकों को समय-सीमा के भीतर सेवाएं मिलें, इसमें कोई कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
  • पारदर्शिता: प्रशासनिक व्यवस्था का अंतिम उद्देश्य आमजन को बिना किसी असुविधा के बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराना है।
प्रशासनिक बैठक की मुख्य झलकियां
  • विभागीय योजनाओं की बेहतर समझ विकसित करने के लिए डेटा-आधारित समीक्षा को अनिवार्य किया गया है।
  • बैठक में जेसीडी श्री विनोद यादव, उपायुक्त श्रीमती किरण गुप्ता सहित विभिन्न विभागों के संभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
संभाग आयुक्त के इन निर्देशों से प्रशासनिक अमले में सक्रियता बढ़ने की उम्मीद है, जिससे जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति तक तेजी से पहुँच सकेगा।
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