मुरैना: मध्य प्रदेश के मुरैना जिले में पशुपालन विभाग के दफ्तर में उस समय अफरातफरी मच गई जब एक चपरासी हाथ में पिस्टल लेकर उप संचालक के चेंबर में जा घुसा। आरोपी चपरासी ने अधिकारी को खुलेआम जान से मारने की धमकी दी और उन पर अपनी फोटो पर माला चढ़वाने तक की धौंस जमाई। इस गंभीर घटना के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और जिला प्रशासन ने आरोपी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
क्या था पूरा विवाद?
पशुपालन विभाग के उप संचालक बृजकिशोर शर्मा ने बताया कि विभाग में अब कर्मचारियों की हाजिरी 'सार्थक एप' के माध्यम से ऑनलाइन दर्ज की जाती है। बानमोर पशु चिकित्सालय में पदस्थ चपरासी भूरे सिंह भदौरिया ने बीते 90 दिनों में से 30 दिन तक एप पर अपनी उपस्थिति ही दर्ज नहीं कराई। इतना ही नहीं, एप पर उनकी लोकेशन भी कार्यस्थल के बजाय कहीं और दिखाई दे रही थी, जिसके चलते विभाग ने नियमानुसार उनका वेतन काटने का निर्णय लिया।
उप संचालक के अनुसार, जैसे ही इस महीने उनके 15 दिन का वेतन काटा गया, चपरासी भूरे सिंह अपना आपा खो बैठा। मंगलवार दोपहर वह सीधे उप संचालक के कार्यालय पहुंचा और पिस्टल दिखाकर धमकाने लगा कि यदि पांच दिन के भीतर उसका वेतन जारी नहीं हुआ, तो वह उन्हें जान से मार देगा।
प्रशासनिक कार्रवाई: चपरासी हुआ निलंबित
इस घटना के बाद पुलिस महकमे में भी हड़कंप मच गया। कोतवाली थाना प्रभारी अमित सिंह भदौरिया ने पुष्टि की है कि आरोपी चपरासी के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है। वहीं, उप संचालक की रिपोर्ट और मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर लोकेश कुमार जांगिड़ ने आरोपी चपरासी को तत्काल प्रभाव से सेवा से निलंबित कर दिया है।
ड्यूटी के नाम पर करता था फर्जीवाड़ा
जांच में यह भी सामने आया है कि भूरे सिंह को अनुकंपा नियुक्ति मिली थी, लेकिन वह नियमित रूप से अपनी ड्यूटी पर नहीं आता था। आरोप है कि वह नौकरी की जगह ग्वालियर में प्रॉपर्टी डीलिंग का धंधा करता है। जब भी उसे नियमों के दायरे में रहकर ड्यूटी करने की हिदायत दी जाती है, वह अधिकारियों को धौंस दिखाता है और विवाद करता है। फिलहाल पुलिस मामले की आगे की कानूनी कार्रवाई में जुटी है।
