उज्जैन के मंजूर अहमद की कुवैत में दर्दनाक मौत: घर वापसी के इंतजार में थे, एयरपोर्ट पर हुए ड्रोन हमले का शिकार


उज्जैन: विदेश से वतन वापसी की खुशियां उस समय मातम में बदल गईं जब उज्जैन के रहने वाले 50 वर्षीय मंजूर अहमद उर्फ 'शेरू भाई' की कुवैत अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर एक ड्रोन हमले में जान चली गई। मंजूर पिछले तीन दशकों से कुवैत में टेलरिंग का काम करते थे और हमेशा की तरह इस बार भी अपने परिवार के पास उज्जैन लौटने की तैयारी कर रहे थे।

नियति का क्रूर मजाक: फ्लाइट के इंतजार में थी मौत
राजरायल कॉलोनी निवासी मंजूर अहमद का परिवार उज्जैन में ही रहता है। परिजनों के अनुसार, मंगलवार को उन्होंने घर पर फोन कर यह सुखद सूचना दी थी कि वे जल्द ही वापस लौट रहे हैं। बुधवार सुबह उनकी कुवैत से दिल्ली के लिए फ्लाइट थी, जहां से वे उज्जैन की ओर प्रस्थान करने वाले थे।

दुर्भाग्य देखिए कि जब वे फ्लाइट पकड़ने के लिए एयरपोर्ट पहुंचे, उसी समय वहां ईरान द्वारा किए गए ड्रोन हमले की चपेट में आ गए। इस हमले में उनकी मौके पर ही दुखद मृत्यु हो गई। मंजूर अपने पीछे पत्नी, एक बेटा और दो बेटियों का भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं, जिनका अब रो-रोकर बुरा हाल है।

शव को वतन लाने की कवायद तेज
इस दुखद समाचार के मिलते ही पूरे उज्जैन में शोक की लहर दौड़ गई है। पीड़ित परिवार ने राज्य और केंद्र सरकार से गुहार लगाई है कि मंजूर अहमद के पार्थिव शरीर को जल्द से जल्द भारत लाने में हर संभव मदद की जाए।
  • प्रशासनिक और निजी स्तर पर प्रयास: कुवैत में रह रहे उनके रिश्तेदार और जान-पहचान वाले स्थानीय स्तर पर सभी जरूरी कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने में जुटे हैं।
  • अंतिम दर्शन का इंतजार: प्रशासनिक स्तर पर भी शव को लाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। परिजनों को उम्मीद है कि शुक्रवार शाम तक मंजूर अहमद का पार्थिव शरीर उनके उज्जैन स्थित आवास पर पहुंच जाएगा।
जो परिवार बुधवार को उनके घर लौटने की खुशियां मनाने की तैयारी में था, वह अब सिर्फ उनके अंतिम दर्शन का इंतजार कर रहा है। यह घटना न केवल एक परिवार के लिए, बल्कि पूरे शहर के लिए एक गहरा सदमा है।
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