इंदौर। इंदौर के पॉश आवासीय क्षेत्र 'तुलसीनगर' में एक अवैध मदिरा निर्माण इकाई का भंडाफोड़ कर जिला प्रशासन और आबकारी विभाग ने बड़ी सफलता हासिल की है। कलेक्टर श्री शिवम वर्मा के निर्देशन में की गई इस सुनियोजित कार्रवाई से एक संगठित अंतरराज्यीय शराब तस्करी नेटवर्क के संकेत मिले हैं।
गोपनीय निगरानी के बाद सफल दबिश
सहायक आबकारी आयुक्त श्री अभिषेक तिवारी के मार्गदर्शन में विभाग की टीमों ने पिछले तीन दिनों तक सिविल ड्रेस में इस क्षेत्र की कड़ी निगरानी की। तीन मंजिला भवन में चल रही इस अवैध फैक्ट्री का खुलासा तब हुआ जब विभाग ने योजनाबद्ध तरीके से दबिश दी।
भारी मात्रा में अवैध सामग्री जब्त
कार्रवाई के दौरान अवैध शराब के निर्माण और उसे वैध दिखाने के लिए बड़े पैमाने पर सामग्री मिली:
- शराब: 144 बल्क लीटर (16 पेटी) मदिरा।
- पैकेजिंग: हजारों की संख्या में डुप्लीकेट लेबल, होलोग्राम, विभिन्न ब्रांडों के बाटल कैप और कागजी कार्टून।
- मशीनरी: दो बड़ी ब्लेंडर मशीनें और स्प्रिट, कैरेमल जैसे निर्माण रसायन।
- नेटवर्क के संकेत: घटनास्थल से मध्यप्रदेश के विभिन्न जिलों के साथ-साथ राजस्थान में प्रचलित ब्रांडों के लेबल भी बरामद हुए हैं, जिससे इसके अंतरराज्यीय नेटवर्क से जुड़े होने की पुष्टि हो रही है।
जनस्वास्थ्य से खिलवाड़: जांच का दायरा बढ़ा
आबकारी विभाग ने मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। जब्त मदिरा और सामग्री की वैज्ञानिक जांच की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि निर्मित शराब कितनी जहरीली या हानिकारक थी। आवासीय क्षेत्र में फैक्ट्री चलने को विभाग ने अत्यंत गंभीर विषय माना है।
प्रशासन की सख्त अपील
आबकारी विभाग ने आमजन से अपील की है कि अवैध शराब के निर्माण या बिक्री की जानकारी विभाग को दें। सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूर्णतः गोपनीय रखी जाएगी। सहायक आबकारी आयुक्त ने स्पष्ट किया है कि जनसहभागिता के बिना ऐसे संगठित गिरोहों पर लगाम लगाना कठिन है, इसलिए विभाग अब जन-सूचना तंत्र को मजबूत कर रहा है।
यह कार्रवाई जिले में अवैध शराब के विरुद्ध चल रहे विशेष अभियान का हिस्सा है, जिसे आने वाले दिनों में और अधिक सख्ती के साथ जारी रखा जाएगा।
