भोपाल। संभाग आयुक्त श्री संजीव सिंह ने हाल ही में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (VC) के माध्यम से भोपाल संभाग के सभी जिलों की राजस्व समीक्षा बैठक ली। इस दौरान उन्होंने राजस्व प्रकरणों के त्वरित और समयबद्ध निराकरण को लेकर कलेक्टरों, एडीएम और एसडीएम को सख्त निर्देश दिए।
मुख्य दिशा-निर्देश और प्राथमिकताएं
बैठक में संभाग आयुक्त ने स्पष्ट किया कि राजस्व कार्यों में लापरवाही किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं होगी। प्रमुख बिंदु निम्नलिखित हैं:
- पेंडेंसी का खात्मा: अविवादित नामांतरण, बंटवारा और सीमांकन के लंबित प्रकरणों को अगले एक माह के भीतर अनिवार्य रूप से निपटाने के निर्देश दिए गए हैं।
- लोक सेवा गारंटी: लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत आवेदनों का समय-सीमा में निपटारा सुनिश्चित करना अनिवार्य है। समय-सीमा से बाहर होने वाले प्रकरणों के लिए संबंधित अधिकारी पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
- निगरानी और गुणवत्ता: सीमांकन के प्रकरण बिना ठोस कारण के निरस्त न किए जाएं। निचले स्तर के अमले (तहसीलदार/नायाब तहसीलदार) की कार्यप्रणाली पर वरिष्ठ अधिकारी निरंतर निगरानी रखें।
- डिजिटल कार्य: आरसीएमएस (RCMS) पोर्टल पर दर्ज प्रकरणों के निराकरण, स्वामित्व योजना और 'फार्मर रजिस्ट्री' के कार्यों को शत-प्रतिशत पूर्ण करने के लक्ष्य दिए गए हैं।
संवेदनशील प्रकरणों पर विशेष ध्यान
संभाग आयुक्त ने प्राकृतिक प्रकोप (आपदा), भू-अर्जन और भू-अभिलेख संबंधी संवेदनशील मामलों को एडीएम स्तर की निगरानी में प्राथमिकता के आधार पर हल करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने भू-राजस्व और वसूली लक्ष्यों की समीक्षा करते हुए स्पष्ट किया कि राजस्व वसूली में किसी भी प्रकार की ढिलाई नहीं बरती जाएगी।
प्रदर्शन का मूल्यांकन
बैठक के दौरान श्री सिंह ने सीएम हेल्पलाइन और राजस्व प्रकरणों के निपटान में जिलेवार उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों (एसडीएम, तहसीलदार, नायाब तहसीलदार) की सराहना की। वहीं, खराब प्रदर्शन करने वाले अधिकारियों को चेतावनी दी गई कि यदि इस माह के अंत तक प्रगति नहीं दिखी, तो उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
इस समीक्षा बैठक में राजगढ़, विदिशा, सीहोर के कलेक्टर, भोपाल और रायसेन के एडीएम सहित संभाग के समस्त राजस्व अधिकारी वीसी के माध्यम से शामिल हुए।
