सामाजिक समरसता की नई मिसाल: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पंजाब से आए 'पंचतीर्थ' यात्रियों का किया आत्मीय स्वागत


भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि समाज में समानता का भाव ही राष्ट्र की प्रगति का आधार है। विभाजनकारी सोच को पीछे छोड़कर हमें सामाजिक सद्भाव और एकता के साथ आगे बढ़ना होगा। डॉ. भीमराव अंबेडकर द्वारा दिखाए गए मार्ग पर चलते हुए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने देशभर में सामाजिक समरसता का एक नया अध्याय लिखा है।

पंचतीर्थ यात्रा का पड़ाव: एकता का संदेश
मुख्यमंत्री निवास पर मोहाली (चंडीगढ़) से 14 मई को शुरू हुई 'पंचतीर्थ यात्रा' के यात्रियों का आत्मीय स्वागत करते हुए डॉ. यादव ने उनके सुखद भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी की पहल पर देश भर में स्थित डॉ. अंबेडकर के जीवन से जुड़े पाँच प्रमुख पावन स्थलों (पंचतीर्थ) का विकास किया जा रहा है, जिससे आम नागरिक इन स्थलों के दर्शन के लिए प्रेरित हो रहे हैं।

यह यात्रा डॉ. अंबेडकर नगर (महू), दीक्षा भूमि (नागपुर), इंदु मिल (मुंबई) और निर्वाण स्थल (दिल्ली) जैसे स्थलों को जोड़ते हुए 21 जून को दिल्ली में संपन्न होगी।

'बांटने वाली राजनीति के बजाय, जोड़ने का कार्य'
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि कुछ राजनीतिक दल और लोग समाज को बांटने और महापुरुषों के अपमान का प्रयास करते हैं, जबकि वर्तमान सरकार डॉ. अंबेडकर के योगदान को न केवल याद कर रही है, बल्कि उनके बताए समानता के सिद्धांतों को धरातल पर उतार रही है। उन्होंने जोर दिया कि समाज के हर वर्ग का उत्थान और आपसी सद्भाव ही राष्ट्र की असली शक्ति है।

यात्रियों ने व्यक्त की प्रसन्नता
पंजाब से आए तीर्थयात्री मुख्यमंत्री के इस आत्मीय स्वागत और मेहमाननवाजी से अभिभूत दिखे। मुख्यमंत्री ने सभी यात्रियों को बाबा महाकाल की प्रतिमा भेंट स्वरूप प्रदान की। इस दौरान यात्रियों ने मुख्यमंत्री के साथ फोटो खिंचवाए और मध्य प्रदेश में मिली गर्मजोशी भरी आवभगत के लिए आभार व्यक्त किया।

इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री जगदीश देवड़ा, मंत्री श्री तुलसी सिलावट, राज्य मंत्री श्री गौतम टेटवाल, राज्य अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष श्री कैलाश जाटव, विधायक सुश्री ऊषा ठाकुर सहित अन्य जनप्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन श्री राहुल कोठारी ने किया।
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