उज्जैन (29 जून 2026)। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA) और मध्य प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार, उज्जैन स्थित केंद्रीय जेल भैरूगढ़ में बंदियों के लिए एक विशेष जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बंदियों को तनाव प्रबंधन (Stress Management) के गुर सिखाना और उन्हें नशा मुक्ति के प्रति जागरूक करना था।
'तनाव से मुक्ति ही जीवन का आधार'
शिविर में मुख्य वक्ता के रूप में इस्कॉन मंदिर उज्जैन के सह-अध्यक्ष श्री वजेन्द्र कृष्ण दास (वैभव गुप्ता) उपस्थित रहे। उन्होंने बंदियों को संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान समय में तनाव हर व्यक्ति के जीवन का हिस्सा है, लेकिन इसे कम करने के उपाय ढूँढना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने बताया कि यदि जीवन तनावमुक्त होगा, तभी व्यक्ति अपने कार्यों में बेहतर परिणाम दे पाएगा। बंदियों को तनाव से दूर रखने के लिए उन्होंने स्वैच्छिक ध्यान और जप माला का वितरण भी किया।
नशा एक विनाशकारी लत
कार्यक्रम में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव एवं न्यायाधीश श्री मनोज कुमार भाटी ने नशे के दुष्परिणामों पर गंभीर चर्चा की। उन्होंने बंदियों को चेताते हुए कहा कि मादक पदार्थों का सेवन न केवल व्यक्ति का स्वास्थ्य बिगाड़ता है, बल्कि पूरे परिवार को नष्ट कर देता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बंदियों के कल्याण और उन्हें मुख्यधारा में जोड़ने के लिए प्रतिबद्ध है।
विशेषज्ञों ने साझा किए सुझाव
एनडीपीएस (NDPS) विषय की विशेषज्ञ एवं लेखिका श्रीमती अभिलाषा शर्मा ने नशे के कानूनी और सामाजिक पहलुओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। साथ ही, व्यवहार न्यायाधीश (वरिष्ठ खंड) श्रीमती सारिका भाटी ने भी तनाव और नशा मुक्ति को लेकर अपने बहुमूल्य विचार साझा किए और बंदियों को सकारात्मक दिशा में बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम की प्रमुख उपस्थिति
इस जागरूकता शिविर का संचालन असिस्टेंट जेलर श्री सुरेश कुमार गोयल ने किया। कार्यक्रम में डिप्टी जेलर श्री जसमत सिंह डाबर, असिस्टेंट जेलर श्री प्रदीप कुमार मालवीय सहित जेल का समस्त स्टाफ और बड़ी संख्या में बंदी उपस्थित रहे। जेल प्रशासन की इस पहल की सराहना की जा रही है, जो बंदियों के मानसिक स्वास्थ्य और उनके पुनर्वास में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
