मध्यप्रदेश में 'ग्रीन एनर्जी' का महा-अभियान: नीमच और शाजापुर में सोलर पार्कों का लोकार्पण, बिजली होगी और सस्ती


नीमच/भोपाल। मध्य प्रदेश ने हरित विकास (Green Development) की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम बढ़ाते हुए देश को सबसे सस्ती सौर ऊर्जा उपलब्ध कराने की नींव रख दी है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री श्री प्रल्हाद जोशी ने नीमच और शाजापुर में क्रमशः 500 मेगावॉट और 450 मेगावॉट क्षमता के विशाल सोलर पार्कों का लोकार्पण किया।

ऐतिहासिक उपलब्धि: देश की सबसे सस्ती बिजली
इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बड़ी घोषणा करते हुए बताया कि नीमच के नए सोलर पार्क से उत्पादित होने वाली बिजली की दर मात्र 2.14 रुपये प्रति यूनिट होगी, जो पूरे देश में सबसे सस्ती है। इस परियोजना से न केवल प्रदेश को ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता मिलेगी, बल्कि यह पर्यावरण संरक्षण के राष्ट्रीय लक्ष्यों को प्राप्त करने में भी मील का पत्थर साबित होगी।

औद्योगिक विकास के नए 'ग्रोथ इंजन'
मुख्यमंत्री ने कहा कि नीमच, मंदसौर, रतलाम और उज्जैन का बेल्ट अब प्रदेश का नया औद्योगिक 'ग्रोथ इंजन' बन रहा है। इस दौरान:
  • निवेश और रोजगार: 1,553.98 करोड़ रुपये की औद्योगिक इकाइयों का भूमि-पूजन और लोकार्पण किया गया।
  • ग्लोबल कैपिटल: नीमच अब केवल मध्यप्रदेश का ही नहीं, बल्कि ग्रीन पॉवर सेक्टर का 'ग्लोबल कैपिटल' बनने की ओर अग्रसर है। यहाँ देश का सबसे बड़ा पंप स्टोरेज प्रोजेक्ट भी आकार ले रहा है।
  • प्लांट का भूमि-पूजन: नीमच में 1,200 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से सोलर ग्लास निर्माण प्लांट की नींव रखी गई है।
किसानों के लिए राहत और विकास के संकल्प
मुख्यमंत्री ने किसानों के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि प्रदेश में गेहूं की रिकॉर्ड खरीदी हुई है और किसानों को 2,625 रुपये प्रति क्विंटल का भुगतान किया जा रहा है। साथ ही, कृषि ऋण चुकाने की 31 मार्च की बाध्यता समाप्त कर दी गई है। उन्होंने 'जल गंगा संवर्धन अभियान' में नीमच के उत्कृष्ट प्रदर्शन की सराहना करते हुए कहा कि राज्य ने 3 माह में 2 लाख से अधिक जल स्रोतों का जीर्णोद्धार किया है।

केंद्रीय मंत्री का संदेश: 'अभ्युदय मध्यप्रदेश'
केंद्रीय मंत्री श्री प्रल्हाद जोशी ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में भारत 'ग्रीन एनर्जी' का पावरहाउस बन रहा है। उन्होंने कहा कि 2014 में देश का सोलर प्रोडक्शन महज 2.6 गीगावॉट था, जो अब 157 गीगावॉट तक पहुंच गया है। उन्होंने मध्यप्रदेश को पवन ऊर्जा (Wind Energy) में भी 2 वर्ष के भीतर 10 गीगावॉट का लक्ष्य पूरा करने के लिए प्रोत्साहित किया।

अन्य प्रमुख सौगातें:
  • हवाई कनेक्टिविटी: नीमच एयर स्ट्रिप को कमर्शियल बनाने और मंदसौर से भोपाल तक नया हाई-वे बनाने की घोषणा।
  • स्वास्थ्य और शिक्षा: 18 नए मेडिकल कॉलेज और प्रदेश भर में पीएमश्री एयर एंबुलेंस सेवा की शुरुआत।
  • सामाजिक कल्याण: लाड़ली बहनों को 1,500 रुपये प्रतिमाह सहायता और श्रीराम गमन पथ/श्रीकृष्ण पाथेय का निर्माण कार्य तीव्र गति से जारी।
कार्यक्रम में नीमच जिले में 160 करोड़ रुपये के 98 विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमि-पूजन भी किया गया। राज्य सरकार का लक्ष्य प्रदेश की विद्युत क्षमता में क्लीन एनर्जी की हिस्सेदारी को और बढ़ाकर मध्यप्रदेश को देश का अग्रणी 'ग्रीन राज्य' बनाना है।
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