भिंड। मध्य प्रदेश पंचायती राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम, 1993 की धारा 89 के तहत एक बड़ी कार्रवाई करते हुए जिला पंचायत भिंड के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री वीरसिंह चौहान ने 11 पंचायत पदाधिकारियों को वित्तीय अनियमितता का दोषी पाया है। इन सभी से कुल 48.81 लाख रुपये की राशि 19 जून 2026 तक जमा करने के निर्देश जारी किए गए हैं।
किन पर कितनी है देनदारी?
जारी आदेशानुसार, जनपद पंचायत मेहगांव और भिंड की विभिन्न ग्राम पंचायतों के दोषी पाए गए पदाधिकारियों का विवरण इस प्रकार है:
| ग्राम पंचायत | पदधारी (नाम) | देय राशि (प्रति व्यक्ति) |
| पचेरा | सरपंच श्री सतेन्द्र सिंह, सचिव श्री अश्विनी शर्मा | ₹99,500 |
| राउपुरा | सचिव श्री पान सिंह | ₹3,24,526 |
| राउपुरा | रोजगार सहायक श्री सूबेदार सिंह | ₹2,01,699 |
| परघेना | सरपंच श्री हनीफ खान, सचिव श्री चतुर सिंह | ₹13,20,000 |
| मोरोली | सरपंच श्रीमती उर्मिला, सचिव श्री रामकुमार | ₹6,44,500 |
| मानपुरा | पूर्व सरपंच श्रीमती बिट्टी बाई, सचिव श्री नरोत्तम सिंह, रोजगार सहायक श्री सचिन शर्मा | ₹75,800 |
समय पर भुगतान न करने पर होगी कड़ी कानूनी कार्रवाई
CEO श्री वीरसिंह चौहान ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित समय सीमा (19 जून 2026) के भीतर राशि जमा न होने पर अधिनियम की धारा 92 (1) एवं 92 (2) के तहत कठोर कानूनी प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इसके तहत:
- दोषी पदाधिकारियों के विरुद्ध प्राथमिकी (FIR) दर्ज की जा सकती है।
- वसूली योग्य धन को 'भू-राजस्व' (Land Revenue) की भाँति कुर्क कर वसूल किया जाएगा।
प्रशासनिक सख्ती का संदेश
यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है। जिला पंचायत द्वारा की गई इस कार्रवाई ने जिले में अन्य पंचायत प्रतिनिधियों के बीच हड़कंप मचा दिया है और यह स्पष्ट संदेश दिया है कि वित्तीय अनुशासनहीनता को किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
