Monsoon Update: देश में करवट लेगा मौसम, MP-CG समेत 17 राज्यों में आंधी-तूफान और भारी बारिश का IMD अलर्ट


भारत के मौसम में आने वाले दिनों में एक बड़ा और व्यापक बदलाव होने जा रहा है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा अनुमानों के मुताबिक, दक्षिण-पश्चिम मानसून बहुत जल्द केरल के तट पर दस्तक देने वाला है। इसके साथ ही मौसम विभाग ने दिल्ली-एनसीआर, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड समेत देश के 17 राज्यों के लिए मूसलाधार बारिश, ओलावृष्टि और तेज आंधी का ऑरेंज/येलो अलर्ट जारी किया है। कुछ संवेदनशील इलाकों में हवा की रफ्तार 80 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की आशंका है।

अगले 2-3 दिनों में केरल पहुंचेगा मानसू
आमतौर पर मानसून 1 जून के आसपास केरल में एंट्री करता है, लेकिन इस बार इसमें थोड़ा विलंब हुआ है। हालांकि, मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अब बंगाल की खाड़ी और अरब सागर में परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल हो चुकी हैं। अगले दो से तीन दिनों के भीतर दक्षिण-पश्चिम मानसून केरल के रास्ते देश में प्रवेश कर जाएगा। इसके प्रभाव से दक्षिण भारत के साथ-साथ पूर्वोत्तर राज्यों में भी अत्यंत भारी बारिश का दौर शुरू होने की उम्मीद है।

उत्तर भारत में 5 जून तक आंधी और बारिश का दौर
उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी और पहाड़ी इलाकों में मौसम तेजी से पलटी मारने वाला है:
  • दिल्ली, पंजाब और हरियाणा: 1 से 5 जून के बीच इन राज्यों में धूलभरी आंधी के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। विशेषकर 3 और 4 जून को 50 से 70 किमी/घंटे की गति से विनाशकारी हवाएं चलने की आशंका है।
  • उत्तर प्रदेश और राजस्थान: पश्चिमी यूपी में 3 और 4 जून को तेज अंधड़ आ सकता है, जबकि 2 और 5 जून को गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। राजस्थान में भी 3 से 5 जून के बीच कई जिलों में बारिश के संकेत हैं।
  • पहाड़ी राज्य: उत्तराखंड में 6 जून तक और जम्मू-कश्मीर में 5 जून तक तेज हवाओं के साथ ओलावृष्टि (Hailstorm) की चेतावनी दी गई है।
मध्य और पश्चिमी भारत में भी दिखेगा असर
  • मध्य प्रदेश: एमपी के पश्चिमी जिलों में 2 और 3 जून को भारी बारिश का अलर्ट है, जबकि पूर्वी हिस्से में 5 जून तक रुक-रुक कर रिमझिम फुहारें पड़ती रहेंगी।
  • छत्तीसगढ़ और विदर्भ: इन क्षेत्रों में 2 से 5 जून के दौरान गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने और मध्यम वर्षा की संभावना जताई गई है।
  • गुजरात: 4 जून तक राज्य के कई हिस्सों में तेज हवाओं के साथ बिजली कड़कने और पानी गिरने के आसार हैं।
पूर्व और दक्षिण भारत में भारी तबाही की आशंका
राज्य/क्षेत्रसंभावित तारीखेंमौसम का प्रकार
केरल और माहे3 से 7 जूनअत्यंत भारी मूसलाधार बारिश।
तमिलनाडु, पुडुचेरी, तेलंगानापूरे सप्ताहलगातार गरज-चमक और भारी वर्षा की स्थिति।
बिहार और झारखंड5 और 6 जूनआंधी-तूफान के साथ निरंतर बारिश।
पश्चिम बंगाल और सिक्किम4 से 6 जूनबाढ़ जैसी स्थिति पैदा करने वाली भारी वर्षा का अनुमान।
ओडिशा2 से 5 जून70 किमी/घंटे की रफ्तार से चक्रवाती हवाएं और भारी बारिश।
क्यों अटकी मानसून की रफ्तार?
मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, शुरुआत में अनुमान था कि मानसून 26 मई तक ही केरल पहुंच जाएगा। लेकिन इस बार प्रशांत महासागर में सक्रिय 'अल-नीनो' (El-Nino) के प्रभाव के कारण मानसून की गति थोड़ी सुस्त पड़ गई। अल-नीनो की स्थिति भारत में सामान्य से कम बारिश के लिए भी जिम्मेदार मानी जाती है। हालांकि, अब हवाओं का रुख बदलने से मानसूनी सिस्टम दोबारा मजबूत हो गया है और यह तेजी से आगे बढ़ रहा है।
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