भोपाल: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में मौसम में आई नरमी के बीच अब शहरवासियों के सामने पानी की किल्लत का बड़ा संकट खड़ा होने जा रहा है। भोपाल नगर निगम (BMC) ने कोलार जलप्रदाय परियोजना की मुख्य 'ग्रेविटी मेन पाइपलाइन' में बेहद जरूरी तकनीकी मरम्मत कार्य के कारण 36 घंटे तक जलापूर्ति ठप रहने का आधिकारिक ऐलान किया है। इसके तहत मंगलवार सुबह 10 बजे से लेकर बुधवार की रात तक शहर के एक बड़े हिस्से में पानी की सप्लाई पूरी तरह बंद रहेगी।
नगर निगम प्रशासन के मुताबिक, यह मेंटेनेंस कार्य भविष्य में शहर की वाटर सप्लाई को अधिक सुरक्षित और बिना किसी बाधा के संचालित करने के लिए बेहद अनिवार्य है। लेकिन इस शटडाउन के कारण घरों, अस्पतालों, स्कूलों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।
इन प्रमुख इलाकों में मचा रहेगा हाहाकार
कोलार परियोजना से जुड़े भोपाल के लगभग आधे हिस्से में पानी की सप्लाई प्रभावित रहेगी। मुख्य रूप से प्रभावित होने वाले इलाके निम्नलिखित हैं:
- पुराना शहर व मध्य भोपाल: शाहजहांनाबाद, निशातपुरा, हमीदिया रोड और मोती मस्जिद।
- पॉश और नए इलाके: अरेरा कॉलोनी, चार इमली, शाहपुरा, त्रिलंगा, तुलसी नगर, शिवाजी नगर, चुना भट्टी, कोलार बस्ती, नेहरू नगर, कोटरा सुल्तानाबाद, एमपी नगर और गुलमोहर कॉलोनी।
- निगम के जोन: इसके अलावा नगर निगम के जोन क्रमांक 3, 5, 6, 7 और 8 के अंतर्गत आने वाली सभी छोटी-बड़ी कॉलोनियों में भी नल पूरी तरह सूखे रहेंगे।
BMC की अपील: नगर निगम ने सभी नागरिकों से पुरजोर अपील की है कि वे शटडाउन शुरू होने से पहले ही अपनी जरूरत के अनुसार पर्याप्त पानी का भंडारण (स्टॉक) कर लें और पानी का बेहद सावधानी से उपयोग करें।
क्यों ठप की जा रही है सप्लाई?
नगर निगम के तकनीकी अधिकारियों का कहना है कि इस मुख्य पाइपलाइन की मरम्मत काफी समय से लंबित थी। यदि इसे अभी ठीक नहीं किया गया, तो आने वाले समय में कोई बड़ा लीकेज या पाइपलाइन फटने जैसी गंभीर समस्या हो सकती थी, जिससे महीनों तक जलापूर्ति बाधित होने का खतरा था।
सिटी इंजीनियर उदित गर्ग के अनुसार:
"मरम्मत का मुख्य काम मंगलवार सुबह 10 बजे से शुरू होकर देर रात तक युद्ध स्तर पर चलेगा। कार्य पूरा होने के बाद पाइपलाइन को दोबारा चार्ज करने और पानी का प्रेशर सामान्य होने में लंबा समय लगता है। यही वजह है कि पूरी व्यवस्था को सुचारू होने में लगभग 36 घंटे का वक्त लगेगा।"
अस्पतालों और स्कूलों को विशेष एडवाइज़री
प्रशासन ने आम जनता के साथ-साथ विशेष रूप से अस्पतालों, होटलों, स्कूलों और बहुमंजिला आवासीय सोसायटियों को निर्देश दिए हैं कि वे इस अवधि के लिए पानी के टैंकरों जैसी वैकल्पिक व्यवस्था पहले से ही सुनिश्चित करके रखें। अधिकारियों ने जनता को होने वाली इस अस्थायी असुविधा के लिए खेद जताया है, लेकिन साफ किया है कि शहर के बेहतर भविष्य के लिए यह कदम उठाना बेहद जरूरी था। अगले दो दिन भोपालवासियों को पानी की हर बूंद सहेजकर खर्च करनी होगी।
