इंदौर: इंदौर-देवास बायपास पर सफर करने वाले वाहन चालकों के लिए एक अच्छी और एक थोड़ी इंतजार कराने वाली खबर है। लंबे समय से कछुआ गति से चल रहा एमआर-10 फ्लाईओवर प्रोजेक्ट अब अपने अंतिम चरण में है। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने इसके लिए नई समय-सीमा (Dead Line) तय कर दी है। निर्माण एजेंसी को हर हाल में अगले दो महीनों के भीतर फ्लाईओवर का मुख्य काम पूरा करने के कड़े निर्देश दिए गए हैं।
तय योजना के मुताबिक, अगस्त तक इस फ्लाईओवर को यातायात के लिए पूरी तरह खोल दिया जाएगा।
24 महीने का प्रोजेक्ट पौने तीन साल में भी अधूरा
करीब 50 करोड़ रुपये की भारी-भरकम लागत से बनने वाले इस फ्लाईओवर का शिलान्यास अगस्त 2023 में किया गया था।
- देरी की वजह: शुरुआत में इसे 24 महीनों में पूरा करने का लक्ष्य था। लेकिन ट्रैफिक डायवर्शन (यातायात डायवर्ट करने) में आई दिक्कतों और फ्लाईऐश (राख) से जुड़ी तकनीकी पेचीदगियों के कारण प्रोजेक्ट अपनी समय-सीमा से काफी पिछड़ गया।
- निर्माण का सफरनामा: फ्लाईओवर पर गर्डर चढ़ाने का काम अक्टूबर 2025 में शुरू हुआ था, जिसके तहत 180 मीटर की कुल लंबाई में 30-30 मीटर के छह स्पान पर गर्डर दिसंबर 2025 तक रखे गए। इसके बाद स्लैब डालने का काम हुआ। वर्तमान में दोनों तरफ की एप्रोच रोड का काम चल रहा है। एनएचएआई ने पहले मई तक का लक्ष्य रखा था, लेकिन एप्रोच रोड की सुस्त रफ्तार के कारण डेडलाइन को दो महीने और आगे खिसकाना पड़ा।
फ्लाईओवर शुरू होने के बाद भी जारी रहेगा जंक्शन का काम
भले ही अगस्त में फ्लाईओवर के ऊपर से गाड़ियां दौड़ने लगेंगी, लेकिन पूरा 'एमआर-10 जंक्शन प्रोजेक्ट' तब भी अधूरा ही रहेगा। फ्लाईओवर के ठीक नीचे बनने वाले अंडरपास का निर्माण कार्य अभी बाकी है, जिसे पूरा होने में 5 से 8 महीने का अतिरिक्त समय लग सकता है।
प्रोजेक्ट डायरेक्टर का बयान:
एनएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेक्टर प्रवीण यादव के अनुसार, अगस्त में केवल फ्लाईओवर को ही चालू किया जा रहा है। इंदौर-बैतूल राजमार्ग को जोड़ने वाले आठ-लेन (8-Lane) के अंडरपास और अन्य सहायक ढांचों का निर्माण इसके बाद शुरू होगा। इस देरी का मुख्य कारण यह है कि इस हिस्से से नर्मदा जल प्रदाय की मुख्य पाइपलाइन गुजर रही है, जिसे शिफ्ट करने और कनेक्शन जोड़ने का काम नर्मदा विकास प्राधिकरण द्वारा किया जाना है।
इस फ्लाईओवर के आंशिक रूप से शुरू होने से बायपास पर लगने वाले भीषण ट्रैफिक जाम से काफी हद तक राहत मिलने की उम्मीद है, लेकिन जंक्शन का पूरा लाभ मिलने के लिए इंदौरवासियों को अगले साल तक का इंतजार करना होगा।
