सागर। मध्यप्रदेश अनुसूचित जाति आयोग के सदस्य श्री बारेलाल अहिरवार ने बड़तूमा में निर्माणाधीन संत शिरोमणि रविदास मंदिर का निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माण कार्यों की प्रगति पर संतोष व्यक्त करते हुए अधिकारियों को कार्य की गुणवत्ता और समय-सीमा का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए।
मंदिर परिसर की प्रमुख विशेषताएं:
- भव्यता और निर्माण: यह मंदिर लगभग 101 करोड़ रुपये की लागत से 11 एकड़ क्षेत्र में विकसित किया जा रहा है।
- वास्तुकला: 66 फीट ऊँचे मुख्य मंदिर का निर्माण पूर्णतः 'नागर शैली' में किया जा रहा है, जिसमें लोहे का उपयोग नहीं किया गया है। निर्माण के लिए विशेष लाल पत्थरों का चयन किया गया है।
- आधुनिक संग्रहालय: परिसर में एक संग्रहालय और ऑडिटोरियम का निर्माण किया जा रहा है, जहाँ डिजिटल एवं दृश्य-श्रव्य (Audio-Visual) माध्यमों से संत रविदास के जीवन दर्शन और प्रसंगों को प्रभावी ढंग से प्रदर्शित किया जाएगा।
- समरसता गैलरी: निरीक्षण के दौरान श्री अहिरवार ने समरसता गैलरी भी देखी, जहाँ संत रविदास के समकालीन संतों की प्रतिमाएं और उनके प्रेरक जीवन प्रसंगों को उकेरा गया है।
विधायक का विजन
नरयावली विधायक श्री प्रदीप लारिया ने बताया कि यह परिसर केवल एक मंदिर नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता और समानता का केंद्र बनेगा। उन्होंने बताया कि निर्माण कार्य अंतिम चरणों में है और जल्द ही इसके लोकार्पण की योजना है, जिसमें प्रधानमंत्री को आमंत्रित किया जाएगा। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए यहाँ आवास गृहों का निर्माण किया जा रहा है और कनेक्टिविटी के लिए प्रमुख मार्गों से सड़कें भी जोड़ी जाएंगी।
प्रशासनिक उपस्थिति
निरीक्षण के दौरान मकरोनिया नगर पालिका अध्यक्ष श्री मिहीलाल अहिरवार, गुरु रविदास विश्वमहापीठ से डॉ. परशुराम, सहायक आयुक्त (जनजातीय कार्य विभाग) सुश्री अदिति शांडिल्य सहित कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित थे।
यह स्थल आने वाले समय में देश-दुनिया के लोगों के लिए भारतीय संत परंपरा और सामाजिक समरसता के संदेश को समझने का एक महत्वपूर्ण तीर्थ केंद्र साबित होगा।
