मध्यप्रदेश: 'मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना' का होगा विस्तार, नर्मदा परिक्रमा और प्रमुख पर्यटन स्थल भी होंगे शामिल


भोपाल। मध्यप्रदेश में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए राज्य सरकार बड़ा बदलाव करने जा रही है। संस्कृति, पर्यटन एवं धार्मिक न्यास राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री धर्मेन्द्र सिंह लोधी ने विभागीय समीक्षा बैठक में 'मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना' के दायरे को बढ़ाने के महत्वपूर्ण निर्देश दिए हैं।

योजना के प्रमुख विस्तार:
  • नर्मदा परिक्रमा: राज्य मंत्री ने निर्देश दिए कि प्रदेश के 16 जिलों से होकर गुजरने वाली मां नर्मदा की परिक्रमा को 'मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना' में शामिल करने की कार्ययोजना तैयार की जाए।
  • प्रमुख पर्यटन स्थल: तीर्थ दर्शन योजना में प्रदेश के मुख्य पर्यटन स्थलों को भी शामिल किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक श्रद्धालु लाभान्वित हो सकें।
  • अंतर्राज्यीय बस सेवा: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की घोषणा के अनुरूप, दूसरे राज्यों के तीर्थ स्थलों तक दर्शन हेतु बस संचालन की कार्ययोजना पर तेजी से काम करने के निर्देश दिए गए हैं।
सिंहस्थ 2028 की विशेष तैयारी:
बैठक में आगामी सिंहस्थ 2028 को भव्य और सुव्यवस्थित बनाने पर विशेष जोर दिया गया। श्री लोधी ने कहा कि:
  • एक समेकित और व्यापक कार्ययोजना तैयार की जाए।
  • सिंहस्थ के दृष्टिगत तीर्थ स्थलों का सुनियोजित विकास हो।
  • धार्मिक एवं ऐतिहासिक महत्व के मंदिरों के जीर्णोद्धार के लिए विशेष योजना बनाई जाए।
मंदिरों के प्रबंधन में पारदर्शिता और जीर्णोद्धार:
राज्य मंत्री ने विभाग को निर्देश दिए कि मंदिरों के प्रबंधन और जीर्णोद्धार को लेकर प्रभावी कदम उठाए जाएं:
  • ऑनलाइन पोर्टल: सभी प्रमुख मंदिरों की सटीक और प्रामाणिक जानकारी एक ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड की जाएगी, ताकि देश-विदेश के श्रद्धालुओं को आसानी से जानकारी मिल सके।
  • गैर-शासन संधारित मंदिर: ऐसे मंदिरों के जीर्णोद्धार के लिए नई योजना तैयार की जाएगी।
  • प्रस्तावों को प्राथमिकता: क्षेत्रीय विकास के लिए जनप्रतिनिधियों (सांसदों, विधायकों) द्वारा भेजे गए प्रस्तावों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।
प्रशासनिक और अन्य निर्देश:
बैठक में विभाग के रिक्त पदों की पूर्ति, सीएम हेल्पलाइन के प्रकरणों का समय-सीमा में निराकरण और राज्य के बाहर स्थित विभागीय परिसंपत्तियों की वर्तमान स्थिति की भी समीक्षा की गई। राज्य मंत्री ने स्पष्ट किया है कि धार्मिक पर्यटन को प्रदेश की पहचान बनाने के लिए विभाग पूरी तत्परता के साथ कार्य करे।
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