इंदौर। स्वच्छता में देश का सिरमौर रहने के बाद, अब इंदौर पर्यावरण संरक्षण और जल संवर्धन में राष्ट्रीय आदर्श बनने की राह पर है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा से संचालित "एक पेड़ माँ के नाम" अभियान के अंतर्गत इंदौर जिले में इस वर्ष 21 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है। नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय की अध्यक्षता में आयोजित समीक्षा बैठक में इस महा-अभियान की रूपरेखा तय की गई।
अभियान के प्रमुख बिंदु:
- व्यापक पौधारोपण: अभियान के तहत देवगुराड़िया, लिम्बोदी, कृषि कॉलेज, बीएसएफ परिसर और सुपर कॉरिडोर सहित शहर के विभिन्न सार्वजनिक स्थलों, स्कूलों, महाविद्यालयों और आश्रमों में सघन पौधारोपण किया जाएगा।
- संरक्षण की जिम्मेदारी: मंत्री श्री विजयवर्गीय ने स्पष्ट किया कि अभियान का उद्देश्य केवल पौधे लगाना नहीं, बल्कि उनकी सुरक्षा और संवर्धन सुनिश्चित करना है। उन्होंने नागरिकों से अपनी माता के सम्मान में एक पौधा लगाने और उसकी देखभाल का संकल्प लेने का आह्वान किया।
- बीएसएफ परिसर बनेगा मुख्य केंद्र: अभियान की शुरुआत गुरुवार से होगी, जिसमें बीएसएफ परिसर में सर्वाधिक संख्या में पौधे लगाए जाएंगे।
जल-गंगा संवर्धन: जनआंदोलन की तैयारी
बैठक में पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ जल संचयन को समान महत्व दिया गया। नगर निगम आयुक्त श्री क्षितिज सिंघल ने बताया कि:
- रूफटॉप रेन वॉटर हार्वेस्टिंग: नागरिकों को अपने घरों और संस्थानों में रेन वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है, जिसके लिए सरकार द्वारा अनुदान भी दिया जाएगा।
- बंद बोरवेल पुनर्जीवित: शहर में बंद पड़े बोरवेलों को फिर से चालू करने का अभियान चलाया जाएगा ताकि भूजल स्तर में सुधार हो सके।
- पुरस्कार और रियायत: जल संचयन में उत्कृष्ट कार्य करने वाले नागरिकों और संस्थाओं को सम्मानित किया जाएगा। साथ ही, बेहतर कार्य करने वाले नागरिकों को नगर निगम के करों में विशेष छूट भी दी जाएगी।
जनप्रतिनिधियों और विशेषज्ञों का आह्वान
समीक्षा बैठक में सांसद श्री शंकर लालवानी, विधायक गण, प्रशासनिक अधिकारी और पर्यावरणविद डॉ. शंकरलाल गर्ग उपस्थित रहे। मंत्री श्री विजयवर्गीय ने कहा कि पर्यावरण और जल एक-दूसरे के पूरक हैं। उन्होंने स्वयंसेवी संस्थाओं, औद्योगिक इकाइयों और आम नागरिकों से इस अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की ताकि एक 'हरित, समृद्ध और जल-सुरक्षित इंदौर' का निर्माण हो सके।
उल्लेखनीय है कि पूर्व में इंदौर ने रेवती रेंज में एक ही दिन में लगभग 12.41 लाख पौधे लगाकर एक कीर्तिमान स्थापित किया था। इसी उत्साह के साथ अब शहर एक बार फिर 'पर्यावरण के महाकुंभ' के लिए तैयार है।
