इंदौर। विद्यार्थियों के स्वास्थ्य के प्रति सजग रहते हुए जिला प्रशासन ने विद्यालयों में संचालित मेस और कैंटीनों के विरुद्ध एक बड़ा अभियान चलाया है। कलेक्टर श्री शिवम वर्मा के निर्देशन में खाद्य सुरक्षा प्रशासन की टीम ने इंदौर के तीन प्रमुख विद्यालयों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान सुरक्षा मानकों की अनदेखी और लाइसेंस न होने पर कड़ी कार्रवाई की गई।
प्रमुख कार्रवाई का विवरण
- अग्रवाल पब्लिक स्कूल (बिचौली मर्दाना): निरीक्षण के दौरान यहाँ की हॉस्टल मेस बिना वैध खाद्य पंजीयन/अनुज्ञप्ति के संचालित पाई गई। साथ ही, पानी की जांच रिपोर्ट, फूड हैंडलर्स के मेडिकल फिटनेस प्रमाण-पत्र और स्वच्छता के उचित इंतजाम न होने पर प्रशासन ने खाद्य गतिविधियां तत्काल प्रभाव से बंद करा दीं। यहाँ से पोहा, दाल, आटा और मसालों सहित कुल 12 नमूने जांच हेतु लिए गए।
- विबग्योर स्कूल (स्कीम नंबर-78): यहाँ कैंटीन का निरीक्षण किया गया। परिसर में साफ-सफाई और खाद्य पदार्थों का रखरखाव संतोषजनक पाया गया। यहाँ से चना दाल, मूंग दाल, बेसन, आटा और चावल के 5 नमूने संग्रहित किए गए।
- सिका हायर सेकेंडरी स्कूल (स्कीम नंबर-78): यहाँ की मेस से छोला सब्जी, घी, तुअर दाल, चावल और सोयाबीन तेल के 5 नमूने लिए गए।
प्रशासन का सख्त संदेश
कुल 22 खाद्य नमूनों को राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद अधिनियम के अनुसार वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने सभी स्कूल प्रबंधन को निम्नलिखित निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने को कहा है:
- वैध लाइसेंस: सभी खाद्य प्रतिष्ठान वैध खाद्य पंजीयन/अनुज्ञप्ति प्राप्त करें।
- स्वच्छता मानक: फूड हैंडलर्स का मेडिकल फिटनेस और परिसर में पेस्ट कंट्रोल रिकॉर्ड अनिवार्य है।
- पानी की जांच: भोजन में उपयोग होने वाले पानी की नियमित NABL मान्यता प्राप्त प्रयोगशाला से जांच कराना आवश्यक है।
कलेक्टर श्री शिवम वर्मा ने स्पष्ट किया है कि छात्रों को स्वच्छ और सुरक्षित भोजन उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने अभिभावकों और आम नागरिकों से अपील की है कि यदि किसी विद्यालय या छात्रावास में खाद्य सुरक्षा संबंधी अनियमितता नजर आए, तो वे कलेक्टर हेल्पलाइन (0731-181) या CM हेल्पलाइन पर तुरंत सूचित करें। ऐसी शिकायतों पर प्राथमिकता से जांच और कार्रवाई की जाएगी।
